उत्तराखंडपर्यटनरुद्रप्रयाग

भगवान तुगनाथ के कपाट खुलने के बाद भी तुगनाथ घाटी के यात्रा पडावो व खूबसूरत हिल स्टेशन में पसरा सन्नाटा! स्थानीय व्यापारियों को भविष्य की सताने लगी चिंता । ऊखीमठ से लक्ष्मण सिंह नेगी की रिपोर्ट

 

ऊखीमठ! पंच केदारो में तृतीय केदार के नाम से विख्यात व चन्द्र शिला शिखर की तलहटी में बसे भगवान तुगनाथ के कपाट खुलने के बाद भी तुगनाथ घाटी के यात्रा पडावो व खूबसूरत हिल स्टेशन में सन्नाटा पसरने से स्थानीय व्यापारियों को भविष्य की चिन्ता सताने लग गयी है ! वर्ष भर सैलानियों, तीर्थ यात्रियों व प्रकृति प्रेमियों से गुलज़ार रहने वाली तुगनाथ घाटी में विगत दो माह से सैलानियों की आवाजाही ठप होने से स्थानीय व्यापारियों के सन्मुख दो जून रोटी का संकट बना हुआ है! आने वाले दिनों में यदि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन पर प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय तीर्थाटन व पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के प्रयास नहीं किये जाते है तो क्षेत्र का पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित हो सकता है! बता दे कि तुगनाथ घाटी को प्रकृति ने अपने अदभुत नजारो से सजाया व संवारा है! पूरे देश में मिनी स्वीजरलैण्ड के नाम से खूबसूरत हिल स्टेशन चोपता इसी घाटी में विधमान है , इसीलिए अधिकांश गढवाली फिल्मों का फिल्मांकन तुगनाथ घाटी में फिल्माया गया! तुगनाथ घाटी में खूबसूरत मखमली बुग्यालों की भरमार होने से तुगनाथ घाटी में वर्ष भर सैलानियों व प्रकृति प्रेमियों की आवाजाही निरन्तर जारी रहती है तथा भगवान तुगनाथ के कपाट खुलने के बाद तीर्थ यात्रियों के आवागमन में भी भारी वृद्धि हो जाती थी मगर इस बार वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण लांक डाउन होने से तुगनाथ घाटी के खूबसूरत हिल स्टेशन पठालीधार, कन्था,सिरसोली,घाटी, मस्तूरा,ताला, पोथीबासा, मक्कूबैण्ड, दुगलबिटटा, पंगेर बनिया कुण्ड, चोपता, भुजगली व तुगनाथ घाम सहित सभी यात्रा पडावो पर सन्नाटा पसरा हुआ है जिससे स्थानीय व्यापारियों को भविष्य की चिन्ता सताने लगा गयी है! स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद थी कि तीसरे लांक डाउन के बाद स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के प्रयास होगे मगर चौथे लांक डाउन की गाइडलाइन में भी तीर्थ व पर्यटक स्थलों की आवाजाही पर लगी रोक के यथावत रहने से स्थानीय व्यापारियों के अरमानों पर पानी फिर गया है! चोथे लांक डाउन के समाप्त होने के बाद यदि स्थानीय तीर्थाटन व पर्यटन व्यवसाय को मानको के अनुरुप शुरू करने के प्रयास नहीं किये जाते है तो तुगनाथ धाम में तैनात देव स्थानम् बोर्ड के अधिकारियों, कर्मचारियों, तीर्थ पुरोहित समाज व स्थानीय व्यापारियों को दो जून की रोटी के लिए मोहताज होना पड सकता है! प्रकृति प्रेमी रमेश चन्द्र गोस्वामी ने बताया कि तुगनाथ घाटी की खूबसूरती को निहारने के लिए मन में बार – बार लालसा बनी रहती है! स्थानीय व्यापारी प्रदीप बजवाल ने बताया कि प्रशासन द्वारा 20 मार्च से पर्यटक स्थलों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी दो माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी पर्यटक स्थलों की आवाजाही पर लगी रोक के यथावत रहने से स्थानीय व्यापारियों के सन्मुख रोजी रोटी का संकट बना हुआ है, स्थानीय व्यापारी योगेन्द्र नेगी ने बताया कि क्षेत्र के तीर्थ व पर्यटक स्थलों की आवाजाही पर रोक लगनी से हर वर्ग का व्यापारी प्रभावित हुआ है!

ऊखीमठ !से  लक्ष्मण सिंह नेगी की रिपोर्ट

 

Rajnish Kukreti

About u.s kukreti uttarakhandkesari.in हमारा प्रयास देश दुनिया से ताजे समाचारों से अवगत करना एवं जन समस्याओं उनके मुद्दो , उनकी समस्याओं को सरकारों तक पहुॅचाने का माध्यम बनेगा।हम समस्त देशवासियों मे परस्पर प्रेम और सदभाव की भावना को बल पंहुचाने के लिए प्रयासरत रहेगें uttarakhandkesari उन खबरों की भर्त्सना करेगा जो समाज में मानव मानव मे भेद करते हों अथवा धार्मिक भेदभाव को बढाते हों।हमारा एक मात्र लक्ष्य वसुधैव कुटम्बकम् आर्थात समस्त विश्व एक परिवार की तरह है की भावना को बढाना है। हम लोग किसी भी प्रतिस्पर्धा में विस्वास नही रखते हम सत्यता के साथ ही खबर लाएंगे। हमारा प्रथम उद्देश्य उत्तराखंड के पलायन व विकास पर फ़ोकस रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *