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*प्रथम राष्ट्र विभूति सम्मान 2025 हेतु पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड के शिक्षक, कवि एवं समीक्षक नरेश चन्द्र उनियाल का हुआ चयन*

 

हिमालय तट में मां गंगा की गोद में विराजमान प्रसिद्ध शिक्षा नगरी रुड़की की पावन धरा पर योगेश शिक्षा कला संस्कृति एवं पर्यावरण उत्थान ट्रस्ट हरिद्वार संस्था एवं उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध शिक्षण संस्थान फोनिक्स विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में भारत के 13 राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, सिक्किम एवं उड़ीसा के विभिन्न जनपदों से शिक्षा साहित्य समाज सेवा कला संस्कृति पर्यावरण इत्यादि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर देश का गौरव बढ़ा रहे ऐसे प्रतिभावान होनहार विभूतियों का चयन किया गया जो अपने-अपने क्षेत्र में अनूठी कार्य प्रणाली से विशेष पहचान रखते हैं। योगेश शिक्षा कला संस्कृति एवं पर्यावरण उत्थान ट्रस्ट हरिद्वार की सचिव एवं कार्यक्रम समन्वयक संजय वत्स जी ने बताया कि प्रथम राष्ट्र विभूति सम्मान 2025 के लिए विविध क्षेत्रों में श्रेष्ठ कार्य कर रहे देश के 13 राज्यों के 117 विभूतियों का चयन बड़ी ईमानदारी पारदर्शिता एवं निर्णायक मंडल की पारखी दृष्टि के द्वारा किया गया है। इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य के जनपद पौड़ी गढ़वाल निवासी शिक्षक, कवि एवं समीक्षक नरेश चंद्र उनियाल का भी चयन हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन, व पिछले 10 वर्षों से साहित्य के क्षेत्र में निरंतर उनका श्रेष्ठ कार्य उनके चयन का आधार बना है।
शिक्षा के क्षेत्र में नरेश चंद्र उनियाल विभिन्न स्तरों पर पहले भी सात-आठ बार सम्मानित हो चुके हैं। और पिछले 10 सालों में साहित्य की भी सेवा कर रहे हैं।
नरेश चन्द्र उनियाल बाल साहित्य भी लिखते हैं। देश विदेश के कई सम्मानित पत्र-पत्रिकाओं में इनकी रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं और हो रही हैं। इसके अलावा नरेश चन्द्र उनियाल कुशल समीक्षक एवं भूमिका लेखक भी हैं। कई कवि/कवियत्रियों के काव्य संग्रह के लिए वे भूमिका लिख चुके हैं… देश की प्रसिद्ध कवियत्री संतोष संप्रीती, सुनीता मुखर्जी, डॉ. रेणु शर्मा, बी एन कंडवाल आदि कवि, लेखकों की पुस्तकों की भूमिका नरेश चन्द्र उनियाल के द्वारा लिखी जा चुकी है।
दिल्ली, लखनऊ, हरिद्वार आदि कई स्थानों पर वे देश के प्रतिष्ठित कवियों के साथ मंच पर काव्य पाठ कर चुके हैं। उन्हें कई मंचों से सम्मानित किया जा चुका है। नरेश चन्द्र उनियाल का एकल काव्य संग्रह ‘मन के गीत’ नाम से प्रकाशित हुआ है। इसके अलावा इनके लगभग 20 साझा काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और दो गढ़वाली बृहद साझा काव्य संग्रह भी प्रकाशित हुए हैं। साहित्य के क्षेत्र में नरेश चन्द्र उनियाल को अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया जा चुका है।
2 नवंबर 2025 को आयोजित होने वाले इस सम्मान समारोह में शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति, ज्योतिष, पत्रकारिता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले देशभर की 117 श्रेष्ठ विभूतियों को सम्मानित किया जायेगा।

Uma Shankar Kukreti