कण्वाश्रम के विकास और संरक्षण के लिए सनातन महापरिषद भारत के साथ समझौता।
दिनांक: 22 सितंबर 2025
कोटद्वार, पौड़ी-गढ़वाल, उत्तराखंड: वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय, कण्वाश्रम के प्रधानाचार्य श्री संजय रावत जी, आचार्य श्री मनमोहन नौटियाल जी, आचार्य श्री सुदीप जी, आचार्य श्री रविन्द्र जी तथा हेड क्लर्क श्री सचिन शर्मा जी द्वारा दो महत्वपूर्ण पत्र प्रस्तुत किए गए। इन पत्रों में कण्वाश्रम के संस्थापक “योगीराज” डॉ. ब्रह्मचारी यशवपाल जयंति ने सनातन महापरिषद भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सी. एम. पांडे जी से आश्रम को अपने संरक्षण में लेने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया है।

इस अवसर पर सनातन महापरिषद भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.एस. रावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सी.एम. पांडेय, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्री ए.के. सक्सेना तथा सोशल मीडिया प्रभारी श्री दीपक वर्मा भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने कण्वाश्रम से संबंधित समस्याओं को विस्तार से सुना और आश्रम के विकास और संरक्षण के लिए अपना पूर्ण समर्थन दिया।
सनातन महापरिषद भारत के प्रतिनिधियों ने सरकार से आग्रह किया कि कण्वाश्रम में शीघ्र ही स्थायी रूप से पानी की व्यवस्था की जाए, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक, विद्यार्थी और स्थानीय निवासी लाभान्वित हो सकें तथा इस ऐतिहासिक स्थल की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।
इसके अलावा, प्रदेश समन्वयक श्री राजेश मोहन जी ने यह भी निवेदन किया कि कण्वाश्रम में सेवा दे रहे आचार्यों को यथोचित वेतनमान प्रदान किया जाए। वर्तमान में आचार्यगण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं तथा सनातन संस्कृति और वैदिक परंपराओं के संवाहक के रूप में कार्यरत हैं।
इस अवसर पर सनातन महापरिषद भारत के उत्तराखंड प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों — प्रदेश संगठन मंत्री श्रीमती कंचन सुंडली, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री अशोक असवाल, प्रदेश समन्वयक श्री राजेश मोहन तथा सह-प्रदेश संगठन मंत्री श्रीमती प्रीति कुलसारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए और आश्रम के विकास के लिए अपना समर्थन दिया।
यह समझौता कण्वाश्रम के विकास और संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इस ऐतिहासिक स्थल को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने में मदद करेगा।
