देहरादून

“ड्रग्स फ्री देवभूमि” के संकल्प को साकार करने की दिशा में जिला “ड्रग्स फ्री देवभूमि” के संकल्प को साकार करने की दिशा में जिला प्रशासन की बड़ी पहल की बड़ी पहल

नशा बेचने और फार्मा पदार्थों में मिलावट करने वालों पर ऑन द स्पॉट होगी कार्रवाई, संगीन धाराओं में दर्ज होगा मुकदमा

देहरादून, 9 अक्टूबर 2025 (सू.वि.)
मुख्यमंत्री के विजन “ड्रग्स फ्री देवभूमि” को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने नशामुक्त दून की दिशा में महाअभियान की शुरुआत की है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में गुरुवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

डीएम ने कहा कि राजधानी में नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

🔹 मुख्य निर्णय एवं कार्रवाई योजना

  • जनपद में संचालित दवा फैक्ट्रियों और मेडिकल स्टोर्स का नियमित निरीक्षण किया जाएगा।
  • सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
  • स्वास्थ्य विभाग को मौके पर ही ड्रग्स टेस्टिंग किट के लिए फंड स्वीकृत किया गया।
  • 06 हजार टेस्ट किट की खरीद कर उच्च शिक्षण संस्थानों में मास लेवल टेस्टिंग की जाएगी।
  • सभी स्कूलों में गठित एंटी-ड्रग्स समितियों को सीधे एसटीएफ से जोड़ा जाएगा।
  • जिले में पब्लिक हेल्पलाइन नंबर व डेडिकेटेड सेल स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू।

🔹 नशा मुक्ति और जनजागरूकता

डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि रायवाला ओल्ड एज होम को शीघ्र नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
साथ ही, सभी नशा मुक्ति केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थानीय पुलिस और राजस्व अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।

विद्यालयों के आसपास और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने,
शैक्षणिक संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करने,
और मानस हेल्पलाइन नंबर 1933एनसीवी मानस पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया।

🔹 प्रवर्तन एजेंसियों को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि नियंत्रक सहित सभी प्रवर्तन एजेंसियों को मादक पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए संयुक्त रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के रुझानों का विश्लेषण कर सक्रिय नेटवर्क और लिंक का पता लगाया जाए तथा यातायात जांच के दौरान भी ड्रग्स टेस्टिंग की व्यवस्था की जाए।

डीएम ने यह भी कहा कि गांव-गांव तक आशा वर्कर, सेविका और सहायिकाओं के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक मानस हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से प्रशासन को सूचना दे सके।

🔹 बैठक में उपस्थित अधिकारी

डीएफओ मयंक गर्ग, एडीएम प्रशासन जय भारत सिंह, एसडीएम हरिगिरी, स्मृता परमार, अपर्णा ढौडियाल, सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी वीरेन्द्र कुमार जोशी, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूड़ी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, तहसीलदार कालसी सुशीला कोठियाल सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Uma Shankar Kukreti