छूटे हुए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच — धक्का-मुक्की के बीच SDM के आश्वासन पर टला प्रदर्शन
देहरादून, 08 नवम्बर 2025।
छूटे हुए उत्तराखंड आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण और अन्य लंबित मांगों को लेकर शनिवा
र को सैकड़ों आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया।
राजपुर रोड और कैंट रोड पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
स्थिति को देखते हुए उपजिलाधिकारी श्री प्रेमलाल मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि जिलाधिकारी के माध्यम से दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री से वार्ता की व्यवस्था कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने कूच स्थगित किया।

राजपुर से दिलाराम चौक तक चला प्रदर्शन
प्रदर्शन राजपुर से शुरू होकर राजपुर रोड होते हुए दिलाराम चौक तक पहुंचा, जहाँ आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
इस दौरान नवनीत गुंसाई, इन्दु नौडियाल, प्रमिला रावत, अनन्त आकाश, चिन्तन सकलानी, राजकुमार जैसवाल, राजेश शर्मा, अमित परमार, राजेन्द्र पुरोहित, मनोज भट्ट, मोहम्मद इकबाल, मुकेश मोघा, सुरेश डंगवाल, पारुल बिष्ट, जयवीर सिंह पंडाटा, अंबुज शर्मा, सुभागा फरस्वाण, सुशील घिल्डियाल, दुर्गा ध्यानी रतूड़ी, आनंद सिंह बिष्ट, बिंद मिश्रा, कुसुम नौडियाल, शाकुंबरी रावत आदि ने अपने विचार रखे।
सरकार पर निहित स्वार्थों का आरोप
वक्ताओं ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “सरकार निहित स्वार्थों के चलते उत्तराखंड की जनता और आंदोलनकारियों के साथ छल कर रही है।”
उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र चिन्हीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन — पांच प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखीं —
1️⃣ लंबित चिन्हीकरण प्रकरणों (विशेषकर बुजुर्ग माताओं और बहनों के) का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
2️⃣ शहीद स्मारक, देहरादून का सौंदर्यीकरण व विस्तारीकरण पहाड़ी शैली में किया जाए।
3️⃣ ऋषिकेश के शहीद स्मारक का गरिमा के अनुरूप पुनर्निर्माण किया जाए।
4️⃣ 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ सभी आंदोलनकारियों को सुनिश्चित किया जाए तथा 26 अगस्त 2013 के आदेश के अंतर्गत रोके गए चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति तत्काल की जाए।
5️⃣ आंदोलनकारी सम्मान पेंशन को सम्मानजनक रूप से बढ़ाया जाए और इसे पेंशन पोर्टल के माध्यम से सीधे प्रेषित किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि “जनहित में सरकार उपरोक्त बिंदुओं पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई कर आंदोलनकारियों की अपेक्षाओं को पूरा करे।”
यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र से चिन्हित राज्य आंदोलनकारीयो की लिस्ट,




