आनंदशाला शिविर’ की सोशल इंटर्नशिप का समापन, प्रशिक्षुओं को वितरित किए गए प्रमाण पत्र
‘आनंदशाला शिविर’ की सोशल इंटर्नशिप का समापन, प्रशिक्षुओं को वितरित किए गए प्रमाण पत्
दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के सहयोग से दो माह तक चला प्रशिक्षण कार्यक्रम, युवाओं को संस्कृति, शोध और सामाजिक सेवा से जोड़ा गया
देहरादून।
दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के सहयोग तथा शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति के तत्वावधान में 1 जून से 31 जुलाई 2026 तक आयोजित “आनंदशाला शिविर” के अंतर्गत दो माह की सोशल इंटर्नशिप का शनिवार को समापन हो गया। समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा दून पुस्तकालय एवं संग्रहालय का भ्रमण भी कराया गया।
समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय पुरोहित महासंघ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष पं. रमेश लेखवार ‘अत्रि’ ने की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि श्रीकांत श्री मुख्य अतिथि तथा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश प्रताप विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश प्रताप ने युवाओं को न्याय, संविधान और राष्ट्रप्रेम की भावना से प्रेरित किया। वहीं जय भगवान गोयल ने प्रशिक्षुओं को समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि श्रीकांत श्री ने संस्था एवं संस्थापक डॉ. स्वामी एस. चन्द्रा द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की सराहना करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। अध्यक्ष पं. रमेश लेखवार ‘अत्रि’ ने युवाओं को भारतीय संस्कृति, अनुशासन और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जीवन में इन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र से जय भगवान गोयल, चन्द्रशेखर तिवाड़ी और डी.के. पाण्डेय, कार्यक्रम के मेंटर नीरज उनियाल तथा संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. स्वामी एस. चन्द्रा की उपस्थिति में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इंटर्नशिप में यूपीईएस, देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, आईएमएस, डॉल्फिन इंस्टीट्यूट तथा सिंबायोसिस, पुणे के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस इंटर्नशिप के माध्यम से उन्हें उत्तराखंड की संस्कृति, सामाजिक कार्यों और शोध गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का संचालन उपासना गौड़ ने किया, जबकि अंत में डॉ. स्वामी एस. चन्द्रा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी युवाओं को संस्कृति संरक्षण, सामाजिक सरोकारों और शोध गतिविधियों से जोड़ने के लिए ऐसे शिविरों का आयोजन करती रहेगी।
समारोह में राम प्रसाद सुंडली, डॉ. योगेश धस्माना, अमित, महेन्द्र सिंह राणा, दिव्यांश सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
