बनबसा में धामी कैबिनेट के 24 बड़े फैसले: पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए ₹66.29 करोड़, राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत
बनबसा/चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को एनएचपीसी बनबसा, चम्पावत में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार से लेकर राजकोषीय घाटे, भूमि विनियमितीकरण, वन विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थानीय निकायों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े फैसले लिए गए।
पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए ₹66.29 करोड़
कैबिनेट ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी है। यह राशि नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों में खर्च की जाएगी।
राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत
सरकार ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा राज्य के GSDP के तीन प्रतिशत निर्धारित की गई है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत तय की गई है। आपदा और सुरक्षा जैसी परिस्थितियों में नियमानुसार अतिरिक्त छूट का प्रावधान रहेगा।
भूमि से जुड़े मामलों में राहत
कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों एवं कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी। नैनीताल के लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों/कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने तथा देहरादून के जौनसार-बावर क्षेत्र में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण का प्रावधान भी स्वीकृत किया गया है।
भूमि विनियमितीकरण के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ाई जाएगी। इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट लागू होगा।
वन भूमि हस्तांतरण के लिए PMU
वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन संरेखण की जांच और नोडल कार्यालय को मजबूत करने के लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) गठित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए छह पद स्वीकृत किए गए हैं।
वन विभाग में प्रशासनिक बदलाव
कैबिनेट ने वन विभाग के विभागाध्यक्ष से जुड़ी व्यवस्था में भी संशोधन किया है। निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं, नैनीताल और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा। सरकार के अनुसार इससे वनाग्नि, बाढ़, आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में निर्णय लेने और कार्रवाई में तेजी आएगी।
स्थानीय निकायों को लेकर अहम फैसला
छठवें राज्य वित्त आयोग की पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने को मंजूरी दी गई है। आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध कर राजस्व से होने वाले हस्तांतरण सहित वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर अपनी सिफारिशें दी हैं।
संपत्ति की खरीद-बिक्री में PAN सत्यापन
स्टाम्प एवं निबंधन विभाग में संपत्ति के लेन-देन के दौरान क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा दिए गए PAN के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य फर्जी या गलत PAN के इस्तेमाल को रोकना और आयकर विभाग को होने वाली रिपोर्टिंग में पारदर्शिता बढ़ाना है।
युवाओं के कौशल विकास पर पांच साल में ₹200 करोड़
उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। योजना से सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने का अनुमान है। योजना पर पांच वर्षों में करीब ₹200 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
निजी विश्वविद्यालयों के लिए बदले मानक
राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए निर्धारित नीति और मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र का प्रावधान किया गया है। साथ ही गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक निर्धारित किए जाएंगे।
टनकपुर में उप निबंधक कार्यालय
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप टिहरी जिले की तहसील नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय खोलने को मंजूरी दी गई है। कार्यालय के क्षेत्राधिकार में नरेंद्रनगर तहसील के 98 और पावकी देवी उप तहसील के 35, कुल 133 राजस्व ग्राम शामिल होंगे।
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को लेकर भी फैसले
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए संबंधित पदों पर तैनात कार्मिकों के वेतन/मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में नियुक्त कार्मिकों की भर्ती और सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई।
सतर्कता अधिष्ठान का ढांचा होगा मजबूत
कैबिनेट ने उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इसके तहत कुछ पद समाप्त किए जाएंगे और मुख्य आरक्षी तथा अपर उपनिरीक्षक स्तर के नए पद सृजित किए जाएंगे। सरकार के अनुसार इससे सतर्कता संबंधी कार्यों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बनबसा-टनकपुर के लिए मुख्यमंत्री की चार बड़ी घोषणाएं
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के विकास से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
पहली, श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे और तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्यवाही जल्द पूरी करने की बात कही गई।
दूसरी, शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर के अंतर्गत बनबसा और टनकपुर के प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण की घोषणा की गई।
तीसरी, एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर के विस्तार के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा हुई।
चौथी, बनबसा और टनकपुर शहरी निकायों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सरकारी भूमि पर लंबे समय से कच्चे या अस्थायी मकानों में रह रहे लोगों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
सरकार के इन फैसलों में एक ओर राज्य की वित्तीय व्यवस्था को लेकर दीर्घकालिक प्रावधान किए गए हैं, वहीं दूसरी ओर पंतनगर एयरपोर्ट, उच्च शिक्षा, चिकित्सा, भूमि अधिकार, स्थानीय निकाय और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

