*श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 23 जनवरी बसंत पंचमी को तय होगी।*
• *नरेंद्र नगर (टिहरी) स्थित राजमहल में साढ़े दस बजे से कपाट की तिथि तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी।*
• *श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ने शुरू की तैयारियां: हेमंत द्विवेदी*
नरेंद्र नगर/ ऋषिकेश/ देहरादून : 19 जनवरी। इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि परंपरा के अनुसार बसंत पंचमी शुक्रवार 23 जनवरी (माघ माह पंचमी तिथि 10 गते) को नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार में तय होगी *।श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी)अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि तय करने हेतु तथा आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर बीकेटीसी ने तैयारियां शुरू कर दी है कपाट खुलने की तिथियां तय होने के बाद यात्रा कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप दिया जायेगा।*
टिहरी राजमहल की ओर से 23 जनवरी प्रात: साढ़े दस बजे से श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने हेतु धार्मिक समारोह शुरू हो जायेगा जिसमें इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होगी तथा गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा का दिन भी तय हो जायेगा। समारोह में महाराजा मनुजयेंद्र शाह, की जन्म कुंडली देखकर राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल पंचांग गणना पश्चात श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का विनिश्चय करेंगे।
इस अवसर पर महाराजा मनुजयेंद्र शाह सहित सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राजकुमारी शीरजा शाह सहित बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, रावल अमरनाथ नंबूदरी , उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, विजय कप्रवाण तथा बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल तथा मंदिर समिति पदाधिकारी एवं सदस्य श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत प्रतिनिधि, आचार्य वेदपाठीगण एवं सैकड़ों श्रद्धालुजन भाग लेंगे।
20 जनवरी को श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में बीकेटीसी पदाधिकारी श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत को तेल कलश सौंपेंगे । डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी पूर्व अध्यक्ष विनोद डिमरी सहित पंचायत प्रतिनिधि गाडूघड़ा तेल कलश लेकर श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ तथा श्री योगबदरी पांडुकेश्वर से पूजा-अर्चना पश्चात श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर होते हुए 22 जनवरी गुरूवार को बीकेटीसी के चंद्रभागा ऋषिकेश स्थिति धर्मशाला पहुंचेगे तथा 23 जनवरी प्रात: को नरेंद्रनगर पहुंचकर डिमरी पंचायत प्रतिनिधि कपाट खुलने की तिथि तय होने से पहले गाडू घड़ा राजमहल के सुपुर्द करेंगे। बाद में इसी कलश में राजमहल से तिलो का तेल पिरोकर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर भगवान बदरीविशाल के अभिषेक हेतु श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगा।
