देहरादून

सीएम पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति का असर, देहरादून में रिश्वतखोर अधिकारी गिरफ्तार

सीएम पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति का असर, देहरादून में रिश्वतखोर अधिकारी गिरफ्ता

 

Dehradun| usk|01042026
देहरादून में उप शिक्षा अधिकारी की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक साफ संकेत है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अब जमीन पर असर दिखा रही है।
रंगे हाथ गिरफ्तारी — सिस्टम को साफ करने का सख्त संदेश
डोईवाला में तैनात उप शिक्षा अधिकारी और उनकी महिला सहयोगी का 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि अब भ्रष्टाचारियों के लिए कोई “सेफ ज़ोन” नहीं बचा है।
आरटीई प्रतिपूर्ति जैसे संवेदनशील विषय में रिश्वत मांगना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि गरीब बच्चों के अधिकारों पर सीधा हमला भी है।
नीति नहीं, नीयत भी साफ
धामी सरकार लगातार यह स्पष्ट कर रही है कि:
➡️ चाहे अधिकारी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो
➡️ चाहे मामला किसी भी विभाग का हो
भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर सीधी कार्रवाई होगी — बिना किसी दबाव या संरक्षण के।
लगातार सख्ती, बढ़ती जवाबदेही
यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि सतर्कता विभाग द्वारा लगातार चलाए जा रहे ट्रैप ऑपरेशनों और सख्त कार्रवाइयों की एक कड़ी है।
✔️ शिकायतों पर तुरंत संज्ञान
✔️ रंगे हाथ गिरफ्तारी
✔️ दोषियों को सीधे जेल
इसी कारण अब सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ती नजर आ रही है।
जनता का भरोसा हो रहा मजबूत
ऐसी कार्रवाइयों से आम जनता में यह विश्वास बढ़ रहा है कि:
👉 उनकी शिकायतें अब अनसुनी नहीं होंगी
👉 भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई तय है
👉 सरकारी योजनाओं का लाभ बिना रिश्वत के मिल सकेगा
देहरादून की यह घटना एक उदाहरण है कि उत्तराखंड में अब “भ्रष्टाचार की कीमत” चुकानी पड़ रही है।
पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार सिर्फ दावे नहीं कर रही, बल्कि एक साफ, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

 

Uma Shankar Kukreti