कोटद्वार को बड़ी सौगात: अब पासपोर्ट बनवाना हुआ आसान
कोटद्वार | 11 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के कोटद्वार में आम जनता के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण, विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गरिटा और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने तहसील परिसर में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) का विधिवत उद्घाटन किया।
अब नहीं लगेंगे दूर-दराज के चक्कर

इस नए पासपोर्ट सेवा केंद्र के शुरू होने से कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को अब पासपोर्ट बनवाने के लिए बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
👉 इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी
👉 स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाएं और मजबूत होंगी

🗣️ जनप्रतिनिधियों ने क्या कहा?
🔹 ऋतु खण्डूडी भूषण
उन्होंने कहा कि यह केंद्र क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही उन्होंने कोटद्वार के विकास से जुड़ी प्रमुख मांगें भी उठाईं—
पीजीआई स्तर के अस्पताल की स्थापना
रेलवे स्टेशन का नाम “कण्व नगरी” करने की मांग
देहरादून, लखनऊ समेत अन्य शहरों के लिए नई रेल सेवाएं

कण्वाश्रम के समग्र विकास की पहल
🔹 पवित्र मार्गरिटा
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का उद्देश्य हर नागरिक तक सेवाएं पहुंचाना है और यह पासपोर्ट सेवा केंद्र उसी दिशा में अहम कदम है।
👉 पासपोर्ट सेवा अब और सरल, सुलभ और पारदर्शी होगी
🔹 अनिल बलूनी
उन्होंने इस पहल को क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा कि विकास कार्य लगातार जारी हैं।
पासपोर्ट सेवा में बड़ा बदलाव
विदेश मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के तहत देशभर में अब:
450+ POPSK (डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र)
93 पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK)
सक्रिय रूप से नागरिकों को सेवाएं दे रहे हैं।
इसका मकसद है — “पासपोर्ट सेवा आपके द्वार”
🎯 क्यों खास है यह केंद्र?
स्थानीय स्तर पर पासपोर्ट सुविधा
लंबी यात्रा से छुटकारा
तेज और पारदर्शी प्रक्रिया
क्षेत्रीय विकास को नई गति
👥 कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें विधायक, महापौर, विदेश मंत्रालय और डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया।
✅ निष्कर्ष
कोटद्वार में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन क्षेत्र के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न सिर्फ नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पूरे गढ़वाल क्षेत्र की कनेक्टिविटी और प्रशासनिक पहुंच भी मजबूत होगी।
