नशा मुक्ति केंद्र में बड़ी अनियमितताएँ पकड़ीं; लाइसेंस नवीनीकरण और भौतिक स्थिति पर सवाल
रुद्रपुर । उधम सिंह नगर के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ममता पंत (सिविल जज, सीनियर डिवीजन/सचिव, DLSA), तहसीलदार रुद्रपुर दिनेश कुटोला एवं ड्रग इंस्पेक्टर रुद्रपुर शुभम कोटनाला ने शनिवार को डॉक्टर्स कॉलोनी स्थित आयरक्षा नशा मुक्ति एवं जनसेवा ट्रस्ट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण विधिक सेवा दिशा-निर्देश, 2015 के तहत किया गया था और इसमें केंद्र की कई गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं।

निरीक्षण टीम ने पाया कि केंद्र का अस्थायी पंजीकरण उत्तराखंड राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा 30 नवंबर 2023 को एक वर्ष के लिए दिया गया था, परंतु 29 नवंबर 2024 के बाद के लाइसेंस नवीनीकरण या अन्य संतोषजनक दस्तावेज केन्द्र प्रबंधन प्रस्तुत नहीं कर सका। यह स्थिति केंद्र के वैधानिक संचालन पर प्रश्न चिन्ह लगाती है।भौतिक सुविधाओं की जांच में भी कई कमियाँ सामने आईं। केंद्र एक तीन मंजिला इमारत में चल रहा था, जिसमे एक मंजिल पर पेइंग गेस्ट सुविधा भी संचालित हो रही थी, जो नशा मुक्ति केंद्र के स्वरूप के अनुकूल नहीं माना गया। कमरे पर्याप्त हवादार नहीं थे और वर्तमान में 48 लोगों के ठहरने की व्यवस्था केवल एक बड़े हॉल और दो छोटे कमरों में की गई थी, जो स्पष्ट रूप से उपयुक्त नहीं मानी गई।रसोईघर के निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी डेट वाला नमक भी बरामद हुआ जिसे तहसीलदार दिनेश कुटोला ने अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु जब्त कर लिया। निरीक्षण दल ने इन अनियमितताओं के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई व रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
