कोटद्वार

*”जन्मभूमि से दूर, वीरता की मिसाल”* *राइफलमैन गबर सिंह नेगी, VC

कोटद्वार प्रतिनिधि : मनोज नोडियाल

*साथियों, जय बद्री विशाल* 🇮🇳

कल लैंसडाउन के भ्रमण के दौरान जब हम एक कैफे में रुके,
दीवार पर लगी एक तस्वीर ने मेरा ध्यान खींच लिया।
कुछ देर तक मैं उसे निहारता रहा। सोचने पर विवश हो गया कि *अपनी जन्मभूमि गढ़वाल से हजारों मील दूर फ्रांस की धरती पर हमारे गढ़वालियों ने कैसा पराक्रम दिखाया था।*

तस्वीर के नीचे लिखा था–
*”10 Mar 1915: Rfn Gabar Singh Negi, VC in action at Neuve Chapelle. Adapted from the image in publication ‘Deeds that thrill the Empire’, depicting the scene, probably, just before the brave soldier was shot at.”*

ये *प्रथम विश्व युद्ध* का समय था। जगह – *Neuve Chapelle, फ्रांस*
*2/39th Garhwal Rifles* के जवान दुश्मन की खाई पर हमला कर रहे थे।

तस्वीर में दिख रहा वीर है – *राइफलमैन गबर सिंह नेगी*
दुश्मनों की गोलीबारी के बीच, साथियों के घायल हो जाने के बाद भी, गबर सिंह अकेले आगे बढ़े।
बेयोनेट लगाकर उन्होंने दुश्मन की मशीनगन पोस्ट को ध्वस्त कर दिया और अपने साथियों के लिए रास्ता बनाया।

इसी वीरता के लिए 10 मार्च 1915 को उन्हें *”Victoria Cross”* से सम्मानित किया गया।
*VC पाने वाले पहले भारतीय सैनिकों में से एक।*

*एक प्रेरणा*
उस दिन उस सैनिक को *अपने भविष्य का पता नहीं था* कि कब वतन वापसी होगी?
कब अपने परिवार से मिलना होगा? कब घर की मिट्टी नसीब होगी?

*लेकिन एक ही प्रश्न था मन में -*
*”गढ़वालियों के शौर्य की अकाट्य मिसाल कायम करनी है।*
*अपनी भावी पीढ़ियों के लिए रास्ते खोलने हैं।”*

और उन्होंने वो कर दिखाया।

*क्या सोचता रहा मैं…*
एक गढ़वाली जवान, जन्मभूमि से कोसों दूर, बर्फीली खाइयों में,
न भाषा, न रिश्तेदार, न घर की याद।
*सिर्फ वीरता, धीरता और आत्मविश्वास।*

वो तस्वीर चीख-चीख कर कह रही थी –
*”गढ़वाली कभी पीछे नहीं हटता। चाहे हालात कैसे भी हों।”*

उस दिन के बाद _”Garhwalis never retreat”_ ये बात सिर्फ कहावत नहीं रही,
*इतिहास बन गई।*

*युवाओं के लिए संदेश*
आज जब हम अपने आरामदायक घरों में बैठे हैं,
तब हमें याद रखना चाहिए कि *इस तिरंगे की शान के पीछे गबर सिंह जैसे हजारों गढ़वालियों का खून और समर्पण है।*

जो जवान 1915 में फ्रांस में, बिना ये सोचे कि कल क्या होगा, सिर्फ देश के लिए लड़ सकता है…
*वो आज का युवा नशे से, आलस से, हार से क्यों नहीं लड़ सकता?*

*गढ़वाल की मिट्टी में वीरता है। बस उसे जगाने की जरूरत है।*

*शत-शत नमन राइफलमैन गबर सिंह नेगी, VC को*
*जय हिंद, जय गढ़वाल* 🇮🇳

महेंद्र पाल सिंह रावत (पूर्व सैनिक)
अध्यक्ष, पूर्व सैनिक संघर्ष समिति, कोटद्वार