ऋषिकेश में राष्ट्रीय महिला आयोग का 5 दिवसीय ‘सम्मान सेतु अभियान’ शुरू, महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
ऋषिकेश, 4 अगस्त। कांवड़ यात्रा के पावन अवसर पर तीर्थनगरी ऋषिकेश में राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से 5 दिवसीय “सम्मान सेतु अभियान” के तहत महिला जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। एम्स रोड स्थित सीमा डेंटल कॉलेज के निकट आयोजित यह शिविर 4 से 8 अगस्त तक संचालित होगा।
शिविर का उद्घाटन राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर और उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान, राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा और जनजागरण का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और न्याय संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना आयोग की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, “वह शक्ति है, वह सशक्त है, वह भारत की नारी है। ना कम में, ना ज्यादा में, वह सब में बराबरी की अधिकारी है।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के हर मुद्दे पर राष्ट्रीय महिला आयोग सदैव उनके साथ खड़ा रहेगा।
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि कांवड़ मेले जैसे विशाल आयोजन में महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता को जोड़ना एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों, साइबर सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी होना ही वास्तविक सशक्तिकरण का आधार है।

शिविर के पहले दिन एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं एवं नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक दवाएं वितरित कीं। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के अधिवक्ताओं एवं काउंसलरों ने कानूनी सहायता, साइबर सुरक्षा, POSH अधिनियम, निःशुल्क विधिक सहायता तथा मनोसामाजिक परामर्श प्रदान किया।
यह शिविर 8 अगस्त तक प्रतिदिन संचालित रहेगा, जहां महिला श्रद्धालुओं और आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं, प्राथमिक उपचार, कानूनी परामर्श, साइबर सुरक्षा सहायता और वूमेन हेल्प डेस्क की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय एवं राज्य महिला आयोग की अध्यक्षों ने सभी श्रद्धालुओं और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “गंगा मैया की जय” के जयघोष से गूंज उठा।
