86वें दिन आखिरकार मुख्यमंत्री से मिले बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियन
दो बार मुख्यमंत्री आवास कूच के बाद प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात, चार सूत्रीय मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन
देहरादून। बेरोजगार डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों का आंदोलन 86वें दिन भी जारी रहा। इसी बीच मंगलवार को आंदोलनरत तकनीशियनों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास कार्यालय में मुलाकात हुई। दो बार मुख्यमंत्री आवास कूच और लंबे संघर्ष के बाद हुई इस मुलाकात को संगठन ने आंदोलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष मेडिकल लैब तकनीशियनों से जुड़ी चार सूत्रीय मांगें प्रमुखता से रखीं। संगठन के अनुसार, पिछले 26 वर्षों से डिग्रीधारी लैब तकनीशियन रोजगार की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में लैब तकनीशियनों के पर्याप्त पदों का सृजन और नियमित भर्ती नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार हैं।
मुख्यमंत्री के सामने रखी चार प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि—
- IPHS मानकों के अनुसार मेडिकल लैब तकनीशियनों के पदों का सृजन किया जाए।
- लैब तकनीशियन सेवा नियमावली का निर्माण कर वर्षवार मेरिट के आधार पर भर्ती की जाए।
- लंबे समय से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को एकमुश्त आयु सीमा में छूट दी जाए।
- सरकारी लैबों के निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना तथा चार सूत्रीय मांगों पर जल्द आवश्यक कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया।
प्रतिनिधिमंडल में संगठन के अध्यक्ष आशीष चंद्र खाली, महासचिव मयंक राणा और उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट शामिल रहे।
संगठन ने मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को आंदोलन की दिशा में सकारात्मक पहल बताया है। हालांकि, संगठन का कहना है कि अब उनकी नजर सरकार की ओर से किए गए आश्वासन पर होने वाली ठोस कार्रवाई पर है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि वर्षों से लंबित मांगों पर जब तक ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
