देहरादून

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस पर धामी के सात बड़े ऐलान, चमोली-पौड़ी-अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने अमर शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखंड के विकास और जनकल्याण को लेकर सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां विकास के साथ विरासत, रोजगार के साथ पलायन का समाधान और आधुनिकता के साथ संस्कृति एवं पहचान की मजबूती सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री की सात बड़ी घोषणाएं
1. तीन पहाड़ी जिलों में विशेष औद्योगिक पार्क
चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
2. प्रदेश में बनेगा पहला युवा आयोग
युवाओं से जुड़े विषयों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उत्तराखंड में प्रदेश के प्रथम युवा आयोग की स्थापना की जाएगी।
3. सीमावर्ती युवाओं और पूर्व सैनिकों को बढ़ावा
सीमावर्ती गांवों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
4. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि का विनियमितीकरण
वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाई जाएगी और पात्र लोगों को भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश बढ़ेगा
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये की जाएगी।
6. युवाओं के लिए नई स्वरोजगार योजना
18 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
7. अब मिलेगा बाल वीरता पुरस्कार
प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा।
शहीदों और सैनिकों को नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों और आंदोलनकारियों को भी श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने बताया कि बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये तथा परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया गया है।
विकास की रफ्तार तेज करने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड के निर्माण के लक्ष्य पर काम कर रही है। सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं को गति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन के साथ अब वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।
युवाओं, महिलाओं और किसानों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण और किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ समेत शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।