अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक दवा है। इसके नुकसान व फायदे क्या क्या है!

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अश्वगंधा  ओषधि

अश्वगंधा आयुर्वेद की सबसे ज्यादा प्रसिद्ध औषधीयों में से एक है। अपने अगणित लाभों के कारण सदियों से यह पूरे विश्व में इस्तमाल की जा रही है। इसका वैज्ञानिक नाम विथानिया सोम्निफेरा (Withania somnifera) है। यह इंडियन जिनसेंग और इंडियन विंटर चेरी के नाम से भी जानी जाती है। भारत में मुख्य रूप से इसकी खेती मध्यप्रदेश, पंजाब, राजस्थान व गुजरात में होती है।

अश्वगंधा को संपूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है।

अश्वगंधा सेवन के फायदे

१. रखे रक्त शर्करा को नियंत्रण में : अश्वगंधा का सेवन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदत कर शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद हैं। एक शोध के अनुसार, इसके उपयोग से इंसुलिन स्त्राव में बढ़ावा और मांसपेसियों में सुधार देखने को मिला।

२. जोड़ो के दर्द से दे राहत : अश्वगंधा में एंटीइंफ्लेमेटरी और दर्दनिवारक गुण होते हैं। इस गुण की वजह से अश्वगंधा की जड़ अर्थराइटिस से जुड़े सूजन, दर्द आदि लक्षणों को कम करती है।

३. तनाव, डिप्रेशन करे कम : तनाव को कम करने में अश्वगंधा बेहद मददगार औषधि है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी काफी उपयुक्त है और दिमाग को ठंडा रखने में भी।

४. कोलेस्ट्रॉल को करे कम : अश्वगंधा में एंटीआक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होने के कारण ह्रदय से जुड़ी काफी समस्याओं से बचाने में मदत करती है। अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने से ह्रदय की मांसपेशियां मजबूत और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। वर्ल्ड जर्नल ऑफ मेडिकल साइंस के शोध में भी पुष्टि की गई है कि अश्वगंधा में भरपूर मात्रा में हाइपोलिपिडेमिक गुण पाया जाता है, जो रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में कुछ मदद कर सकता है।

५. अनिद्रा : अश्वगंंधा के पत्तों में ट्राइथिलीन ग्लाइकोल नामक यौगिक होता है, जो गहरी नींद में सोने में मदद कर सकता है।इसलिए अश्वगंधा का सेवन करना अनिद्रा दूर कर गहरी नींद पाने का अच्छा और आसान तरीका है। रात को सोते समय १ चम्मच अश्वगंधा चूर्ण १ कप गर्म दउड़त के साथ ले।

६. यौन क्षमता में वृद्धि : अश्वगंधा के उपयोग से पुरुषो में प्रजनन क्षमता का विकास होता हैं। यह टेस्टोस्टेरोन, एक प्रकार का मेल हार्मोन, की मात्रा में भी बढ़ावा करती हैं। टेस्टोस्टेरोन प्रजनन (reproduction) के कार्य करता हैं। इसके उपयोग करने से जिनके अंदर इसकी कमी होती हैं। उसे यह पूर्ण करता हैं। वही यह पुरुषो के शरीर में इसके विकास का भी काम करता हैं।

७. बढ़ाये ताकत और माँसपेशियां : आयुर्वेद में अश्वगंधा को बल्य और बृंहणीय खा गया है। अश्वगंधा के नियमित सेवन से मांसपेशियों और ताकत में वृद्धि होती है। एक अध्ययन में, पुरुषों ने ८ सप्ताह के लिए प्रति दिन ५०० मिलीग्राम अश्वगंधा का सेवन किया। जिससे उनकी मांसपेशियों की शक्ति में १ % की वृद्धि देखि गयी जबकि प्लेसीबो समूह में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके सेवन से मांसपेशियां मजबूत होने के साथ ही दिमाग और मांसपेशियों के बीच बेहतर तालमेल बन सकता है। इसी वजह से जिम जानेवाले और अखाड़े में अभ्यास करने वाले पहलवानों को अश्वगंधा सप्लीमेंट्स लेना चाहिए।

८. बढ़ाये रोग प्रतिरोधक क्षमता : प्रतिरोधक क्षमता बेहतर करने के लिए अश्वगंधा का नियमित सेवन उपयुक्त है। विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों के जरिए स्पष्ट किया गया है कि अश्वगंधा खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है। इसमें मौजूद इम्यूनमॉड्यूलेटरी गुण शरीर की जरूरत के हिसाब से प्रतिरोधक क्षमता में बदलाव करता है, जिससे रोगों से लड़ने में मदद मिलती है ।

अश्वगंधा का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन नुकसान करता है ।

अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से उलटी, दस्त हो सकते है।

यह ब्लड प्रेशर कम करती है इसलिए कम ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure) के मरीज इसका सेवन ना करे ।

जो रुग्ण ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अनिद्रा के लिए पहले से ही कोई दवाइयाँ ले रहे हो उन्हें इसका चिकित्सक की परामर्श के अनुसार ही प्रयोग करना चाहिए ।

अश्वगंधा अधिक मात्रा में लेने से गर्भस्राव कराती है इसलिए इसे गर्भवती महिलाओं को सेवन नहीं करना चाहिये।

अश्वगंधा योग्य मात्रा में लेने से बहोत ही लाभ देती है । लेकिन सभी व्यक्ति आयुर्वेद चिकित्सक के देखरेख में ही इसका उपयोग करे ।

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