ऋषिकेश

भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह-संयोजक अमन कुकरेती ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर उठाए सवाल

 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी ने एक बार फिर राजनीति में भाषा की मर्यादा और लोकतांत्रिक शिष्टाचार पर बहस छेड़ दी है।

अमन कुकरेती ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना हर राजनीतिक दल का अधिकार है। सरकार की नीतियों की आलोचना कीजिए, जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाइए, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों से बचना चाहिए। राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, मगर सार्वजनिक संवाद में शालीनता और गरिमा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि देश को कांग्रेस के शासनकाल से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को भी याद रखना चाहिए। वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय हैं। वहीं, यूपीए सरकार के कार्यकाल में कोयला ब्लॉक आवंटन और 2G स्पेक्ट्रम से जुड़े मामलों ने पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

अमन कुकरेती ने कहा कि आज देश की जनता विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर सार्थक चर्चा चाहती है। राजनीतिक दलों को व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जनहित के विषयों पर अपनी बात रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद केवल किसी व्यक्ति का पद नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा और लोकतांत्रिक सम्मान के मानक सभी राजनीतिक दलों के लिए समान होने चाहिए।

— अमन कुकरेती
प्रदेश सह-संयोजक, भाजपा युवा मोर्चा