देहरादून

स्वतंत्रता दिवस पर डीजीपी दीपम सेठ ने किया ध्वजारोहण, उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों को दिए सम्मान

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने ध्वजारोहण किया और पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इसके बाद डीजीपी ने उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए चयनित पुलिसकर्मियों को पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘गोल्ड’, ‘सिल्वर’ एवं पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

अपने संबोधन में डीजीपी दीपम सेठ ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों और आजादी के नायकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता-अखंडता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना सभी का दायित्व है और इस जिम्मेदारी में पुलिसकर्मी हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं।

चारधाम से कांवड़ तक पुलिस ने संभाली बड़ी जिम्मेदारियां

डीजीपी ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने बीते एक वर्ष में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पेशेवर दक्षता और कार्यकुशलता का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री के रोड शो में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति में आयोजित पांच दिवसीय न्याय संहिता प्रदर्शनी तक पुलिस ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया।

उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर समन्वय के साथ संभाला गया। पुलिस ने सुरक्षा, सेवा और आस्था के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया।

साइबर अपराध और रेस्क्यू मॉडल में भी बढ़ाया प्रदेश का गौरव

डीजीपी ने बताया कि साइबर अपराध प्रबंधन के क्षेत्र में ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक में उत्तराखण्ड पुलिस को देश के Top-5 राज्यों में स्थान मिला है। वहीं, पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार से Institutional Performance Award for State Police प्राप्त होना भी पुलिस की उपलब्धियों में शामिल है।

उन्होंने कहा कि BRICS सम्मेलन में सिल्क्यारा टनल और धराली-हर्षिल रेस्क्यू मॉडल की सराहना किया जाना भी उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यकुशलता का प्रमाण है।

एक साल में 950 से अधिक पुलिसकर्मियों को पदोन्नति

डीजीपी ने पुलिसकर्मियों के कल्याण और प्रोत्साहन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 950 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समयबद्ध पदोन्नति दी गई है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस की उपलब्धियों के पीछे बैरियर पर तैनात जवानों से लेकर महिला पुलिसकर्मियों, वाहन चालकों, ट्रैफिक कर्मियों, वायरलेस ऑपरेटरों, साइबर विशेषज्ञों और फील्ड में तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी का योगदान है। यही पुलिस की वास्तविक ताकत हैं।

डीजीपी ने पुलिसकर्मियों के परिश्रम, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि उत्तराखण्ड पुलिस इसी निष्ठा, साहस और कर्तव्यपरायणता के साथ प्रदेश की शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करते हुए जनता की सेवा करती रहेगी।

कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए.पी. अंशुमान सहित पुलिस मुख्यालय के समस्त पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, वरिष्ठ अधिकारी एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।