डीएम ने 399 सीएम घोषणाओं व 25 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा, शहरी–ग्रामीण ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर
रूद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने सीएम घोषणा, जिला योजना, आजीविका व रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा 25 सूत्रीय कार्यक्रम की जिला सभागार में समीक्षा बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद के लिए कुल 399 घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से 155 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, वर्तमान में मात्र 24 घोषणाएं जनपद स्तर पर लंबित हैं और अन्य घोषणाएं विभिन्न स्तरों पर गतिमान हैं।
जिलाधिकारी ने लंबित 24 घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर व्यक्तिगत रूप से संज्ञान में लेकर शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए कि रुद्रपुर में बंग भवन तथा खेड़ा में पर्यावरण मित्रों के आवास निर्माण हेतु चिन्हित भूमि पर सात दिन के भीतर डीपीआर तैयार कराएं। साथ ही मानसखंड कॉरिडोर के अंतर्गत शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण हेतु डीपीआर बनवाने के निर्देश भी नगर आयुक्त को दिए गए। ग्रामीण निर्माण विभाग को तीन ग्रामीण सड़कों के डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने जसपुर व खटीमा में अधिवक्ताओं के चैम्बर निर्माण हेतु भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जिला युवा कल्याण अधिकारी को सितारगंज स्थित शक्तिफार्म राजकीय इंटर कॉलेज एवं खटीमा के टीडीसी परिसर में खेल मैदान निर्माण हेतु डीपीआर तैयार कराने के निर्देश दिए गए।
25 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने लक्ष्यों में गति लाने और आवश्यक आंकड़े व प्रगति विवरण समयबद्ध रूप से जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को उपलब्ध कराने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं व जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी समन्वय के साथ समयबद्ध व प्रभावी ढंग से कार्य सुनिश्चित करें।
बैठक के अंतिम हिस्से में जिलाधिकारी ने देशव्यापी लागू होने वाले नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इस नीति के अनुरूप शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी संगठित व वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी व अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिये गए कि नए मानकों के अनुरूप जनपद का विस्तृत मास्टर प्लान तैयार कराया जाए तथा नगर निकाय, जिला पंचायत व ग्राम पंचायतों को क्लस्टर आधारित मॉडल से जोड़ते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत की जाए।
पीडी हिमांशु जोशी ने बताया कि जनपद में 373 ग्राम पंचायतें हैं और 10–12 हजार की आबादी पर एक क्लस्टर बनाकर कुल 78 से अधिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इन क्लस्टरों के माध्यम से कूड़ा संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन एवं निस्तारण की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में जो ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शहरी निकायों में संचालित है, उसे ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा। घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था लागू कर स्वच्छता को और सुदृढ़ बनाया जाएगा। साथ ही जिले में जिला स्तरीय तथा तहसील स्तर पर मॉनिटरिंग सेल गठित कर कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण भी निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, पीडी हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके अग्रवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत गणेश दत्त भट्ट, जिला पंचायतराज अधिकारी विद्यासिंह सोमनाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
