पीलीभीत में जेलकर्मी से 57.89 लाख रुपए ठगी करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार
पीलीभीत । साइबर ठगों ने जेल कर्मचारी और उसके परिवार से लगभग 58 लाख रुपए की चपत लगा दी।घटना 9 से 22 अगस्त 2024 के बीच की है। आरोपियों ने खुद को ईडी, सीबीआई और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर परिवार से संपर्क किया और कहा कि उनका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा है।इसके बाद वीडियो कॉल और फोन कॉल के ज़रिए परिवार को धमकाया गया और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया गया। डर से परेशान होकर परिवार ने जांच के नाम पर लाखों रुपए ट्रांसफर कर दिए।पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें शामिल हैं ।ग्रेटर नोएडा के मनीष कुमार, दिल्ली के विकास वर्मा, गौतमबुद्धनगर का राजेंद्र शर्मा, संजय बॉबी देशवाल और फर्रुखाबाद का प्रशांत चौहान।गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने 9 मोबाइल, साढ़े तीन लाख रुपए नकद, 10 फर्जी आधार कार्ड और दो चेकबुक बरामद की हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग का मास्टरमाइंड राजेंद्र शर्मा है, जिसकी कंपनी के खाते का इस्तेमाल इस ठगी के लिए किया गया। वहीं संजय बॉबी देशवाल का काम था पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखना।एसपी अभिषेक यादव ने साफ किया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, यह सिर्फ साइबर ठगों का झांसा है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉल या झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। अगर ऐसा होता है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को सूचना दें।पुलिस का दावा है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है। जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।
