*5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ जघन्य अपराध* के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जनपद में 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। इस घटना ने प्रत्येक अभिभावक, नागरिक और संवेदनशील व्यक्ति को गहरी चिंता में डाल दिया है।
सामाजिक कार्यकर्ता डी एस सुगड़ा ने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्राथमिकता के आधार पर कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय न केवल पीड़ित परिवार का अधिकार है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।
डी एस सुगड़ा ने पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी एवं बच्ची को सुरक्षित बरामद करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब आवश्यक है कि विवेचना निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो तथा अभियोजन पक्ष प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करे ताकि न्याय में अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने राज्य सरकार एवं न्यायपालिका से आग्रह किया कि इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और यदि न्यायालय में आरोपी दोषी सिद्ध होता है, तो उसे कानून के प्रावधानों के अनुसार कठोरतम दंड दिया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति मासूम बच्चों के विरुद्ध ऐसे जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।
डी एस सुगड़ा ने उत्तराखंड के सभी सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों एवं जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे इस मामले को न्याय मिलने तक गंभीरता से उठाते रहें। यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का प्रश्न है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। न्याय जितना शीघ्र मिलेगा, समाज में कानून के प्रति विश्वास उतना ही मजबूत होगा।
