देहरादून

पद्मश्री डॉ. कल्याण सिंह रावत ‘मैती’ की प्रेरणादायी जीवन यात्रा पर सचित्र व्याख्यान

देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र, देहरादून के तत्वावधान में “पर्यावरण संरक्षण के कुछ अभिनव प्रयोग और अनुभव” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत डॉ. कल्याण सिंह रावत ‘मैती’ ने अपने जीवन की प्रेरणादायी यात्रा, पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए नवाचारों तथा अपने अनुभवों को सचित्र व्याख्यान के माध्यम से साझा किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से डॉ. कल्याण सिंह रावत का अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुआ। अपने संबोधन में डॉ. रावत ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और जनसहभागिता के बल पर किस प्रकार पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनेक प्रयोग सफल हुए, जो आज पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। उन्होंने “मैती आंदोलन” की प्रेरक यात्रा और वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन इतिहासकार डॉ. योगेश धस्माना ने किया। उन्होंने डॉ. रावत के साथ बिताए गए संस्मरण साझा करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर पर्यावरणविद चंदन सिंह नेगी ने उपस्थित 11 लोगों को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम में रमेश लेखवार, अत्रि जी महाराज (प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय पुरोहित महासंघ उत्तराखंड), डॉ. स्वामी एस. चंद्रा (प्रदेश प्रवक्ता एवं संयोजक), महेन्द्र सिंह राणा (प्रदेश मीडिया प्रभारी), शिक्षाविद् डॉ. डी.आर. पुरोहित, गंगनाथ जी, पत्रकार प्रेम पंचोली, चंदन सिंह नेगी, कवियत्री कविता बिष्ट, साधना शर्मा, संजीव शर्मा, गजेन्द्र रमोला, मोहन सिंह खत्री, शीशपाल सिंह गुसाईं सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा समाज को प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करना रहा। उपस्थित लोगों ने डॉ. कल्याण सिंह रावत के अनुभवों को अत्यंत प्रेरणादायी बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।