यमकेस्वर ब्लाक के अंर्तगत दलमोगी गाऊँ में अज्ञात जानवर ने गोशाला के छत तोड़कर तीन गायो को मारकर उनके मुलायम हिस्सो को खाकर वापिस जंगलों में लुप्त हो गया

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पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक में कुछ वर्षो से एक अज्ञात भालू प्रजाति का हिंसक जानवर रात को ही गोशालाओं के छत में  छेद कर अंदर बंधे मवेशियों को मार डालता है ओर उनके मुलायम हिस्सो को ही खा कर वापिस जंगलों में छिप जाता है। हर साल इस मौसम में यह जंगली जानवर सक्रिय हो जाता है। इस जानवर ने जंगल में घास को इकट्ठा करके अपनी गुफा टाईप घर बनाकर  बनाया हुआ है ।इसका पता कुछ दिन पहले क्षेत्र के जागरूक लोग घने जंगलो में उस जानवर की खोज में गए थे । उन्होंने उसकी गुफा जैसा ठिकाना ढूंढ निकाला ।
क्षेत्र पंचायत सदस्य बुंगा से सुदेश भट्ट जी व युवा विपिन पेटवाल जी से फोन पर सम्पर्क करने पर पता चला कि आज रात को इसी क्षेत्र में दलमोगी गाऊँ में काश्तकार श्री प्रकाश जोसी जी की गोशाला में उक्त जानवर ने तीन गायों को मारकर उनका गोश्त खा कर चला गया।
इस घटना से क्षेत्र के लोग वन विभाग व प्रसासन से ग़ुस्से में है। इस जानवर की शिकायत कई सालों से वन विभाग के अधिकारियों से करते आ रहै है परन्तु आज तक इस जानवर की खोज व इसको मारने का आदेश तक नही दिया गया जिससे क्षेत्र वाशी आंदोलन करने को विवश हो रहे है।
आज क्षेत्र के सामाजिक व पंचायत जनप्रतिनिधियो में जिला पंचायत सदस्य भादसी क्रांति कपरूवान,गुमाल गांव जिला पंचायत सदस्य विनोद डबराल, क्षेत्र पंचायत बुंगा से पूर्व सैनिक सुदेश भट्ट ,सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल सिंह पयाल सामाजिक कार्यकर्ता सी पी भट्ट,युवा सामाजिक कार्यकर्ता विपिन पेटवाल,उत्तराखंड क्रांति दल के प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता उपेन्द्र पयाल , क्षेत्र पंचायत सदस्य जुलेडी हरदीप कैंतूरा, ग्रामसभा धमंदा प्रधान ध्यानपाल बिष्ट ,सुनील बडोला यमकेश्वर के समस्त जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर आज एक स्वर में निर्णय लिया गया कि अगर 48 घण्टे के अंदर वन विभाग ने इस जानवर को मारने का आदेश नही दिया तो जन आंदोलन कर प्रसासन को जगाने का प्रयास करेंगे।
क्षेत्र पंचायत सदस्य बुंगा गाऊँ से श्री सुदेश भट्ट जी का कहना है कि इस प्रकरण में सरकार की उदासीनता ओर वन विभाग की लापरवाही यह बताने क़े लिऐ काफी हैं की राज्य में नागरिकों की कोई सुनवाई नहीं हैं । वन विभाग को हर साल इस जानवर की शिकायत की जाती है। परंतु वन विभाग खानापूर्ति के अलावा कुछ नही करते।
यमकेस्वर मे यह खुंखार जानवर गत कई सालों से ईस कदर सक्रिय है कि सैकडो मवेशियों को गौशाला की छतों को तोडकर अपना निवाला बना चुका है ये जानवर रात को अचानक आक्रमण कर जानवरों को निवाला बनाता है इससे क्षेत्र के नागरिकों मे भय व्याप्त है आजकल ये जानवर फिर सक्रिय है लेकिन विभाग को जानकारी होने के बाद भी वो ईस जानवर का पता लगाने के लिये उत्सुक नही है विभाग के उदासीन रव्वैये के चलते आज तक ना तो ये जानवर पकडा गया व ना ही पिडितों को गौशाला व मवेशियों का उचित मुवावजा दिया गया लोग घरों मे कैद होने को मजबुर हैं

क्षेत्र पंचायत बूंगा के नागरिकों ने मुझे क्षेत्र मे ईस जानवर की उपस्थिति के संकेद दिये जो क्षेत्र पंचायत बूंगा व क्षेत्र पंचायत फल्दाकोट की सीमा से लगे सिंदुडी गांव के बीहड जंगलों मे बताया गया आज क्षेत्र
के समाजिक व राजनितिक प्रतिनिधि जो निरंतर ईस जानवर से निपटने के लिये सरकार से गुहार लगा रहे हैं
विभाग की अनदेखी के चलते ईस जानवर के आसियाने की तलास मे सुबह आठ बजे जंगलों की ओर चले जिनमें युकेडी के वरिष्ठ नेता शांति भट्ट जी जिला पंचायत भादसी क्रांति कपरुवांण छेत्र पंचायत सदस्य सुदेश भट्ट जी सामाजिक कार्य कर्ता सीपी भट्ट जी महिपाल पयाल जी विरेंद्र नेगी जी व युवा विपिन पेटवाल इस टीम में शामिल थे कडी मशक्कत के बाद हम इसके गुफा टाइप घास से बनाया हुआ रहने के लिये घर खोज पाए

जिसे खोजने मे विभाग अभी तक निष्क्रिय साबित हुवा है क्षेत्र वाशी प्रसासन से निवेदन करते है कि विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर ईस जानवर को मारने या पकडवाने का आदेश जारी करे व पिडितों को शीघ्र ही मुवावजा दिलवायें अन्यथा क्षेत्र की जनता के कोप भाजन का सामना करने को तैय्यार रहें व यदि आज के बाद क्षेत्र मे ईस दिशा मे कोई उचित कार्यवाही नही होती ओर खुंखार जानवर द्वारा फिर गरीबों की छतों व मवेशियों को निशाना बनाया जाता है तो पुरी जिम्मेवारी साशन प्रशासन की होगी यदि आपके निकम्मे व निठल्ले विभागीय कर्मचारी ईस समस्या से निपटने मे सक्षम नही तो ग्रामीणों को आत्म रक्षा के लिये खुली छुट दी जाय इस अज्ञात जानवर द्वारा गॉव के मवेशियों को अपना शिकार बनाया जा रहा है, यह जानवर पिछले कई सालों से इस तरह की घटना को अंजाम दे रहा है,

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