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एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार हैं भारत की महिलाएं: कुसुम कण्डवाल

ऋषिकेश में महिला आयोग की राज्य स्तरीय कार्यशाला, एआई टूल्स और साइबर सुरक्षा का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

ऋषिकेश, 1 सितंबर। राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की ओर से मंगलवार को पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में ‘यशोदा एआई एवं महिला’ विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय महिला जागरूकता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, नगर निगम महापौर शंभू पासवान, परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत, आयोग उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी एवं विधि विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगीत के साथ किया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान संघर्षशील और नेतृत्वकारी मातृशक्ति से है। महिलाओं को तकनीक से डरने के बजाय उसे सीखकर दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों में उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया कंप्यूटर और इंटरनेट के दौर से आगे बढ़कर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में प्रवेश कर चुकी है और भारत की महिलाएं इस एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

कण्डवाल ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों, आईटी आधारित व्यवसायों, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्पेस टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने महिलाओं से एआई को अपनाने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि तकनीक ने जीवन के हर क्षेत्र की कार्यप्रणाली बदल दी है। टाइपराइटर के दौर से शुरू हुई तकनीकी यात्रा आज एआई तक पहुंच चुकी है। किसान मौसम की जानकारी से लेकर विद्यार्थी पढ़ाई तक में तकनीक का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक का सकारात्मक उपयोग देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

महापौर शंभू पासवान ने कहा कि एआई कितना भी उन्नत क्यों न हो जाए, वह मानवीय विवेक और निर्णय क्षमता का स्थान नहीं ले सकता। इसलिए तकनीक के सकारात्मक और उपयोगी पहलुओं को अपनाना जरूरी है। परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने युवाओं से रोबोटिक्स और एआई स्किल्स विकसित करने का आह्वान किया।

साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी

तकनीकी सत्र में उत्तराखंड पुलिस की स्टेट सोशल मीडिया हेड एवं एसटीएफ/साइबर क्राइम की प्रतिनिधि पुलिस उपनिरीक्षक रवीना ने साइबर स्टॉकिंग, फर्जी प्रोफाइल, डीपफेक वीडियो, वॉयस क्लोनिंग, सेक्सटॉर्शन और फिशिंग जैसे साइबर अपराधों की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्रोफाइल को सुरक्षित रखने, मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने तथा लाइव लोकेशन साझा नहीं करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन अपराध या ब्लैकमेल की स्थिति में स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 और आधिकारिक साइबर पोर्टल के माध्यम से तत्काल शिकायत करें।

आईटीडीए के एसटीईएम रविशंकर सिंह ने एआई को ‘डिजिटल आईना’ बताते हुए शिक्षा, कंटेंट क्रिएशन और बिजनेस में इसके उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई व्यक्तिगत ट्यूटर की तरह काम करने, पुस्तकों का सार तैयार करने, असाइनमेंट बनाने तथा गढ़वाली जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में सीखने-सिखाने में भी उपयोगी हो सकता है।

आईटीडीए के तन्मय धवन ने विभिन्न एआई टूल्स का लाइव डेमोंस्ट्रेशन किया और प्रतिभागियों को बेसिक प्रॉम्प्टिंग का व्यावहारिक अभ्यास कराया। साइबर एक्सपर्ट पुलिस उपनिरीक्षक दीप्ति लोहनी ने मोबाइल डाटा सुरक्षा, क्लाउड प्राइवेसी और असुरक्षित ऐप परमिशन से बचाव के उपाय बताए।

साइबर एवं एआई लॉ एक्सपर्ट अधिवक्ता जानवी शर्मा ने डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन कानून, आईटी एक्ट और एआई जनित अपराधों के खिलाफ उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी।

कार्यशाला के समापन पर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को सम्मान प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत और दीप गीत प्रस्तुत किए। भूमिका रावत एंड ग्रुप ने पारंपरिक गढ़वाली समूह नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि दिया शाह और शुभम जोशी ने सांगीतिक प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम का संचालन सुनील थपलियाल ने किया। राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान ने अतिथियों, विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर पुलिस क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश तुषार बोरा, महिला आयोग सदस्य विमला नैथानी, कमला जोशी, प्रेमलता, अनुका कक्कड़, पूर्व पार्षद सुंदरी कंडवाल, पार्षद माधवी गुप्ता सहित सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।