मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जिला प्रशासन का क्रांतिकारी विज़न — सरकारी स्कूल हुए आधुनिक और आत्मनिर्भर
🌟 प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’ — शिक्षा के उत्थान का देहरादून मॉडल
देहरादून, 11 नवम्बर 2025 | सूचना विभाग / मीडिया सेल रिपोर्ट
देहरादून जिले में शिक्षा व्यवस्था को नया आयाम देने वाला जिलाधिकारी सविन बंसल का प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’ अब धरातल पर अपने सकारात्मक परिणाम दिखा रहा है।
मुख्यमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन में शुरू इस पहल ने सरकारी विद्यालयों की दशा और दिशा दोनों बदल दी है।

प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’ के तहत अब देहरादून जिले के अधिकांश सरकारी विद्यालय आधुनिक, सुरक्षित और सुविधायुक्त बन चुके हैं।
जिलाधिकारी स्वयं इन कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और शिक्षा सुधार को मिशन मोड में आगे बढ़ा रहे हैं।
🎓 शिक्षा में आधुनिकता की नई पहचान
प्रोजेक्ट ‘‘उत्कर्ष’’ के माध्यम से सरकारी स्कूलों को निजी विद्यालयों के समकक्ष बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
सभी विद्यालयों में अब उपलब्ध हैं –
- स्मार्ट क्लासरूम,
- आधुनिक फर्नीचर,
- लाईब्रेरी,
- एलईडी बल्ब व वाइट बोर्ड,
- शुद्ध पेयजल टंकी,
- खेल के मैदान और उपकरण,
- ज्ञानवर्धक पेंटिंग्स तथा
- डिजिटल लर्निंग की सुविधाएं।
🏫 आंकड़ों में ‘उत्कर्ष’ की उपलब्धियां
- 379 विद्यालयों में शुद्ध पेयजल हेतु वॉटर टैंक
- 820 विद्यालयों में मंकी नेट
- 428 प्राथमिक विद्यालयों में बेबी स्लाइड
- 321 विद्यालयों में झूले
- 77 विद्यालयों में वॉलीबॉल कोर्ट
- 129 विद्यालयों में बैडमिंटन कोर्ट
- 474 विद्यालयों में ज्ञानवर्धक पेंटिंग्स और सौंदर्यीकरण कार्य
🪑 फर्नीचर और उपकरण वितरण
- ओएनजीसी द्वारा 34 विद्यालयों में 1974 फर्नीचर सेट
- हुडको द्वारा 629 प्राथमिक विद्यालयों में 567 फर्नीचर सेट
- जिला खनिज न्यास से 119 विद्यालयों के लिए 4260 फर्नीचर सेट
- 168 विद्यालयों में स्मार्ट टीवी (डिजिटल लर्निंग हेतु) लगाने की प्रक्रिया जारी।

👩🏫 कस्तूरबा गांधी बोर्डिंग विद्यालयों में क्रांतिकारी सुधार
त्यूनी, कोरबा और कालसी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों (KGBV) को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
इनमें उपलब्ध हैं –
डिजिटल स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट कनेक्शन, CCTV, फर्नीचर, डाइनिंग टेबल, इन्वर्टर, वाटर प्यूरीफायर, वाशिंग मशीन, रेफ्रीजरेटर, गीजर, रोटी मेकर, ट्रैकसूट और स्पोर्ट्स शूज़।
कोरवा स्थित केजीबीवी में विशेष रूप से –
- 100 टेबल-कुर्सियां,
- 16 CCTV कैमरे,
- 30 रूम हीटर,
- 4 वॉटर प्यूरीफायर,
- इंटरनेट व वाई-फाई कनेक्शन,
- 19 डाइनिंग टेबल,
- सफाई और संचालन हेतु अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति (₹4 लाख वार्षिक मानदेय)
- 34.24 लाख रुपये की विशेष धनराशि डीएम द्वारा स्वीकृत।
💡 आर्थिक प्रावधान एवं प्रबंधन
प्रोजेक्ट ‘‘उत्कर्ष’’ के तहत जिलाधिकारी ने ₹1 करोड़ की धनराशि मुख्य शिक्षा अधिकारी के अधीन रखी है, जिसमें:
- प्रथम चरण में ₹94 लाख
- द्वितीय चरण में ₹97.80 लाख का आवंटन किया गया।
इसके अतिरिक्त —
- ₹18.41 लाख से वाइटबोर्ड,
- ₹27 लाख से पानी की टंकी,
- ₹47.26 लाख से मंकी नेट,
- ₹23.26 लाख से झूले,
- ₹29.75 लाख से बेबी स्लाइड,
- ₹39.35 लाख से बैडमिंटन कोर्ट,
- ₹12.60 लाख से पेंटिंग और सौंदर्यीकरण कार्य संपन्न हुआ।
📚 पुस्तक संस्कृति की पुनर्स्थापना
जिलाधिकारी की पहल पर अब हर स्कूल में — न्यूज़पेपर, मैगज़ीन, शब्दकोश, महापुरुषों की जीवनी और ज्ञानवर्धक कॉमिक्स रखे गए हैं, ताकि विद्यार्थी केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यापक दृष्टिकोण विकसित कर सकें।
✨ जिलाधिकारी सविन बंसल की सोच
“सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता, सम्मान और आत्मविश्वास का वातावरण बनाना ही ‘उत्कर्ष’ का लक्ष्य है।
शिक्षा ही सशक्त समाज की नींव है, और हमारा उद्देश्य है कि हर बच्चा अपने सरकारी विद्यालय पर गर्व करे।”
— सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून
