डॉ. अवनीश उनियाल की काव्य पुस्तक ‘धार का पेड़’ का लोकार्पण संपन्न
देहरादून, 24 जून। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र, देहरादून में धाद साहित्य एकांश के तत्वावधान में वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ. अवनीश उनियाल की काव्य कृति ‘धार का पेड़’ का लोकार्पण समारोह गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, प्रशासन एवं संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की।

समारोह के मुख्य अतिथि अनिल रतूड़ी तथा राधा रतूड़ी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुधारानी पांडे ने की, जबकि जनकवि डॉ. अतुल शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संचालन सुप्रसिद्ध शायर शादाब अली ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ लोक गायिका पूनम नैथानी द्वारा प्रकृति वंदना से हुआ। धाद साहित्य एकांश की संयोजक कल्पना बहुगुणा ने संस्था की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
पुस्तक के प्रकाशक ‘कोना कक्षा’ के संयोजक गणेश चंद्र उनियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के विद्यार्थियों को स्थानीय साहित्यकारों के लेखन से परिचित कराने के उद्देश्य से यह प्रकाशन महत्वपूर्ण पहल है।

लेखक डॉ. अवनीश उनियाल ने पुस्तक की रचनात्मक पृष्ठभूमि साझा करते हुए अपनी कविताओं का पाठ किया। मुख्य अतिथि अनिल रतूड़ी ने पुस्तक को मानवीय संवेदनाओं, पहाड़ी जीवन और समकालीन सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति बताया। राधा रतूड़ी ने कहा कि संग्रह में प्रकृति, मानवीय संवेदना, सामाजिक विसंगतियों और लोकजीवन का प्रभावी चित्रण है।
डॉ. अतुल शर्मा ने इसे हिंदी कविता की नई पीढ़ी की मौलिक और मुखर अभिव्यक्ति बताते हुए संग्रह को पठनीय एवं संग्रहणीय बताया। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सुधारानी पांडे ने कहा कि साहित्य समाज, राष्ट्र और मानवता तक अपनी बात पहुँचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा यह संग्रह समय से संवाद करती हुई रचनाओं का सशक्त संकलन है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. अवनीश उनियाल की काव्य दृष्टि, प्रकृति एवं लोकजीवन के प्रति उनकी संवेदनशीलता की सराहना करते हुए ‘धार का पेड़’ को समकालीन हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
अंत में मुख्य संयोजक डॉ. विद्या सिंह ने सभी अतिथियों, साहित्यप्रेमियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सोमवारी लाल उनियाल, डॉली डबराल, दर्द गढ़वाली, डॉ. राकेश बलूनी, प्रदीप डबराल, मोहन चौहान, हर्षमणि व्यास, शांति प्रकाश जिज्ञासु, सुनीत नैथानी, अरुण असफल, डॉ. आर.के. भट्ट, दयानन्द डोभाल, सुमित्रा जुगलान, नीलम प्रभा वर्मा, सुनीता चौहान, बीना बेंजवाल, सुदीप जुगरान, आशीष उनियाल, देवेंद्र कांडपाल, नरेंद्र रावत, ममता डोभाल, रजनीश त्रिवेदी, सुधा जुगरान, सत्य प्रकाश शर्मा, हेमचन्द्र सकलानी, अरुण भट्ट, आशा डोभाल, सुरेंद्र सेमल्टी, सत्यानन्द बडोनी, नीरज नैथानी, चंद्रशेखर तिवारी, इक़बाल आज़ी, राजेश्वरी सेमवाल एवं अशोक मिश्र सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि, लेखक और पाठक उपस्थित रहे।
