वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर मातृशक्ति ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा
लखनऊ, 12 अगस्त। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुआई में बुधवार को भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। सनातनी पीली साड़ियों में सजी महिलाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
तिरंगा यात्रा इंदिरा नगर स्थित लेखराज मेट्रो स्टेशन के समीप शिव शक्ति शनिदेव मंदिर से प्रारंभ होकर नीलगिरी चौराहे तक पहुंची। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। यात्रा के समापन पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया।
सपना गोयल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना को जागृत करने वाला राष्ट्रगीत है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में राष्ट्रप्रेम और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर पूर्व पार्षद एवं भाजपा नेता दिलीप श्रीवास्तव ने ‘वंदे मातरम्’ को भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में मातृशक्ति को तिरंगा दुपट्टा प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
16 अगस्त को होगा हरियाली तीज महोत्सव
सपना गोयल ने बताया कि आगामी 16 अगस्त को चिनहट स्थित रजत डिग्री कॉलेज के सामने बने सनातन धाम लॉन में 2500 सनातनी महिलाओं के साथ भव्य हरियाली तीजोत्सव आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भगवान शिव का महादरबार और झूला उत्सव होगा।
उन्होंने बताया कि हरियाली पर्व के प्रतीक के रूप में कर्मठ महिलाओं को ‘सनातनी हरा पटका’ भेंट किया जाएगा। वहीं समाजसेवा में निःस्वार्थ भाव से जुटी महिलाओं का सामाजिक अलंकरण कर सम्मान किया जाएगा।
42 जिलों और 10 राज्यों तक पहुंचा सुंदरकांड अभियान
सपना गोयल ने बताया कि ‘सेवा परमो धर्मः’ को आधार बनाकर ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सुंदरकांड पाठ और सामाजिक सेवा के विभिन्न कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। उनके अनुसार सुंदरकांड महाअभियान अब उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है।
उन्होंने बताया कि 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ के झूलेलाल घाट पर पांच हजार से अधिक महिलाओं ने सामूहिक सुंदरकांड पाठ किया था। इसके बाद नैमिषारण्य, कोटद्वार के सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट रामघाट, प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर, कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर और मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर सामूहिक सुंदरकांड के आयोजन किए गए।
सपना गोयल के अनुसार अयोध्या में 11 सितंबर 2024 से मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला भी जारी है और 29 अगस्त को 15वां सामूहिक सुंदरकांड पाठ आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही समिति की ओर से सर्दियों में जरूरतमंदों को कंबल वितरण तथा विभिन्न धार्मिक अवसरों पर भंडारों का आयोजन भी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संतों और ऋषियों की पावन भूमि भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करना है और इसी संकल्प के साथ सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रहित के कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।

