देहरादून

उत्तराखंड में पतंजलि घी के सैंपल जांच में फेल:अधिकारी बोले- ये खाने लायक नहीं; ₹1.40 लाख का जुर्माना लगाया गया,

 

पतंजलि और उससे जुड़ी दो अन्य कंपनियों पर घटिया घी बेचने के आरोप में 1.4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उत्तराखंड के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने यह फैसला सुनाया है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त आरके शर्मा ने बताया कि यह मामला साल 2020 में पतंजलि के गाय के घी के एक सैंपल से जुड़ा है। यह सैंपल रूटीन जांच के दौरान पिथौरागढ़ के कसनी इलाके में करण जनरल स्टोर से लिया गया था।

शर्मा ने आगे बताया कि इस सैंपल को पहले उत्तराखंड की लैब (रुद्रपुर) में जांच के लिए भेजा गया था। वहां जांच के नतीजे आए तो पता चला कि घी खाने की सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा है। यानी, यह घटिया क्वालिटी का था। उन्होंने यह भी बताया कि लैब रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि इस घी को खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है और लोग बीमार भी हो सकते हैं।

कोर्ट ने लगाया जुर्मान

कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं इसके डिस्ट्रीब्यूटर ब्रह्मा एजेंसी पर 25,000 रुपये और जिस दुकान (करण जनरल स्टोर) से सैंपल लिया गया था उस पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला पिथौरागढ़ के एडजुडिकेटिंग ऑफिसर/एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट योगेंद्र सिंह की अदालत ने गुरुवार को सुनाया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने कोर्ट में इस मामले से जुड़े सारे सबूत पेश किए थे।

20 अक्टूबर 2020ः पिथौरागढ़ के कासनी से घी के नमूने लिए

असिस्टेंट कमिश्नर आरके शर्मा के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के अधिकारी दिलीप जैन ने रूटीन चेकिंग के दौरान 20 अक्टूबर 2020 को पिथौरागढ़ के कासनी स्थित करन जनरल स्टोर से पतंजलि गाय के घी का नमूना लिया था। इसके बाद नमूने को राज्य सरकार की राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर में भेजा गया, जहां इसे मानकों से नीचे पाया गया।

इसके बाद पतंजलि के अधिकारियों को 2021 में इसकी जानकारी दी गई। लेकिन काफी समय तक कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों की तरफ से 15 अक्टूबर 2021 को दोबारा जांच की अपील की। कंपनी ने नमूनों की जांच सेंट्रल लैब से करानी की बात कही

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन पिथौरागढ़ के असिस्टेंट कमिश्नर आरके शर्मा ने जानकारी दी।

 

Uma Shankar Kukreti