नई दिल्ली के अंबेडकर भवन में जसपाल राणा को याद कर भावुक हुए लोग, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
“अंबेडकर भवन में जसपाल राणा को याद कर छलके आंसू, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब”
नई दिल्ली (सुनील नेगी)
भारत के महान निशानेबाज, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित दिग्गज शूटर जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से पूरा देश और विशेष रूप से उत्तराखंड शोक में डूबा हुआ है। 15 राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक और अनेक अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के साथ उन्होंने भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके पिता एवं उत्तराखंड के पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा, परिवार के सदस्य, खेल जगत से जुड़े लोग तथा उनके प्रशंसक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में भावुक होते हुए नारायण सिंह राणा ने कहा, “गीता में लिखा है कि आत्मा अमर है, लेकिन उस पिता से पूछिए जिसने महज 49 वर्ष की उम्र में अपने बेटे को खो दिया हो। जिस बच्चे को हमने कभी कांटा तक नहीं चुभने दिया, उसे अपनी आंखों के सामने खो दिया।”

जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख से लौटने के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्या का शिकार हुए थे। दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

उनकी बेटी दीवंशी राणा ने कहा कि उन्हें जसपाल राणा जैसे पिता का सानिध्य मिला, जिन्होंने परिवार को जीवन मूल्यों और सिद्धांतों से समृद्ध किया।
श्रद्धांजलि सभा में यह भी घोषणा की गई कि “जसपाल राणा विचार मंच” का गठन कर उनके सपनों को आगे बढ़ाया जाएगा तथा युवा और जरूरतमंद निशानेबाजों को प्रशिक्षण एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा।
विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति।
