वन अधिकार कानून लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर 17 फरवरी को हरिद्वार में जन सम्मेलन
दिनांक: 12-02-2026
उत्तराखंड में वन अधिकार कानून 2006 को प्रभावी रूप से लागू करने, वनभूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक प्रदान करने, वर्ष 2016 के मालिन बस्ती अधिनियम पर अमल सुनिश्चित करने तथा किसी भी व्यक्ति को बेदखल किए जाने से पूर्व उसकी सहमति के साथ पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा आगामी 17 फरवरी को सैनी धर्मशाला, हरिद्वार में जन सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समिति द्वारा कुनाऊ, बापू ग्राम ऋषिकेश एवं हरिद्वार क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाया गया।
इस दौरान समाजवादी लोक मंच के संयोजक मुनीष कुमार ने कहा कि हाउजिंग एंड लैंड राइट्स नेटवर्क (HLRN) की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 से 2023 के बीच देश में 17 लाख से अधिक लोगों को उनके आवास और रोज़गार से बलपूर्वक बेदखल किया गया है, जबकि 1.70 करोड़ से अधिक लोग आज भी बेदखली और विस्थापन के खतरे के बीच जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में घरों को तोड़े जाने की कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र के बेदखली और विस्थापन संबंधी बुनियादी सिद्धांतों एवं दिशानिर्देश (2007) का उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि बेदखली तभी की जानी चाहिए जब सभी व्यवहारिक विकल्प समाप्त हो जाएं और उससे पहले प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त पुनर्वास की योजना तैयार कर उसे लागू किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र संघ की सदस्य होने और इन सिद्धांतों पर हस्ताक्षरकर्ता होने के बावजूद इनका पालन नहीं कर रही है और बुलडोजर चलाकर लोगों को बेदखल किया जा रहा है।
वन पंचायत संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष तरुण जोशी ने कहा कि वनाधिकार कानून 2006 वनभूमि पर निवास कर रही जनता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने और चार हेक्टेयर तक भूमि पर मालिकाना हक देने का प्रावधान करता है, लेकिन सरकार इस कानून की अनदेखी कर गैरकानूनी तरीके से लोगों को बेदखल कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की जनता से 17 फरवरी को हरिद्वार में आयोजित जन सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
जनसंपर्क अभियान में बसंत पांडे, मौ. शफी, आशुतोष कोठारी, मुनीष कुमार और तरुण जोशी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
