देहरादून

महायोजना-2041 को मिला जनता का साथ, पांचवें दिन भी उमड़ी भीड़

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा तैयार की जा रही देहरादून महायोजना-2041 को जनभागीदारी के आधार पर अंतिम रूप देने का अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। पांचवें दिन महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित जनसुनवाई शिविर में सेक्टर-05 के नागरिकों, भू-स्वामियों और विभिन्न संगठनों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर विकास से जुड़े सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।

भू-उपयोग से लेकर ट्रैफिक तक उठे अहम मुद्दे

जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने भू-उपयोग, सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं तथा आवासीय एवं व्यावसायिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। एमडीडीए अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों का विधिवत अभिलेखीकरण करते हुए भरोसा दिलाया कि हर सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
महायोजना बनेगी देहरादून का विजन डॉक्यूमेंट
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में राजधानी के विकास, पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं और शहरी विस्तार का विजन डॉक्यूमेंट है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी से यह योजना और अधिक समावेशी तथा जनहितकारी बनेगी।

स्थानीय जरूरतों को मिलेगी प्राथमिकता

एमडीडीए का मानना है कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी अलग आवश्यकताएं और चुनौतियां हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझावों का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें महायोजना में शामिल किया जाएगा, ताकि भविष्य की विकास योजना अधिक व्यावहारिक और संतुलित बन सके।

21 जुलाई तक जारी रहेगा जनसंवाद प्राधिकरण द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक सभी 12 सेक्टरों में जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। नागरिक निर्धारित स्थलों पर पहुंचकर अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकते हैं। एमडीडीए का उद्देश्य विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए देहरादून के लिए टिकाऊ एवं सुनियोजित विकास मॉडल तैयार करना है।

सोमवार को सेक्टर-06 के नागरिकों की बारी
जनसंवाद अभियान के अगले चरण में सोमवार को लक्सूरिया फार्म, किशनपुर में सेक्टर-06 के लिए जनसुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। एमडीडीए ने स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने सुझाव देने की अपील की है।

हर सुझाव का होगा गंभीर परीक्षण
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का विशेषज्ञों के माध्यम से तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कराया जाएगा, ताकि देहरादून महायोजना-2041 वास्तव में जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार हो सके।