ऑपरेशन सिंदूर” की वीरगाथा: मुख्यमंत्री धामी ने सेना के शौर्य और बलिदान को किया नमन
मुख्यमंत्री ने सोमवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट, गढ़ी कैंट, देहरादून में “ऑपरेशन सिंदूर – शौर्य, सम्मान और वीरता” के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और भारतीय सेना के अदम्य साहस के बल पर ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। उन्होंने सेना के शौर्य, समर्पण और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि भारतीय जवानों के पराक्रम के कारण दुश्मन भारत की ओर आंख उठाने का साहस नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने बताया कि जब पूरा देश सो रहा था, तब भारतीय सेनाओं ने मात्र 22 मिनट में पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। देश की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने हर हमले को विफल करते हुए एक भी मिसाइल भारतीय भूमि पर नहीं गिरने दी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का सेना और सैनिकों से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है, क्योंकि राज्य के लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में सेवाएं देता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना को आधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है तथा भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री निर्यात कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों के सम्मान एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहीद परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान में बढ़ोतरी, सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा और संपत्ति खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसी अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं।
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि भारत की मातृशक्ति, राष्ट्र की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अटल प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
