आज की प्रमुख खबर उत्तराखंड सरकार द्वारा लिए गए कोरोना वायरस से निपटने के निर्णय की जानकारी

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[28/03, 21:12] उमाशंकर कुकरेती: मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक करोङ रूपए की राशि देने पर शांतिकुंज के डॉ प्रणव पांड्या का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से कोरोना वायरस के खिलाफ लङाई में हम अवश्य जीतेंगे।

[28/03, 21:13] उमाशंकर कुकरेती: आज उद्योग जगत के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह से भेंट कर कोरोना से निपटने में सरकार का पूरा सहयोग करने की बात कही। उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की इकाइयों से जुड़े वाहनों के निर्बाध आवागमन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ही निर्देशित किया जा चुका है कि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े लोगों को न रोका जाए। उद्योग जगत भी यह सुनिश्चित करे कि ट्रकों में केवल ड्राइवर और एक सहायक ही हो। अन्य कोई इनमें न बैठे। 31 मार्च को समाप्त हो रही प्रदूषण संबंधी मंजूरी को तीन माह के लिए बढाए जाने पर भी मुख्यमंत्री ने सहमति व्यक्त की। प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों के मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए किस प्रकार रोका जाए, इस पर भी विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध मे उद्योग जगत से सुझाव का स्वागत है। इस अवसर पर श्री अनिल गोयल, मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती मनीषा पंवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

[28/03, 21:14] उमाशंकर कुकरेती: प्रदेश के भीतर जो लोग एक जिले से दूसरे जिले में जाना चाहते हैं, वे लोग 31 मार्च को सुबह 7 बजे से सांय 8 बजे तक जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह अनुमति होगी। एक दिन का यह विंडो इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि जगह-जगह से ऐसी बातें आ रही थी कि बहुत से लोग अपने काम से आए हुए थे और लॉकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर फंसे हैं। बसों व टैक्सियों को सेनेटाइज करवाया जाना होगा। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की व्यवस्था का अच्छा रेस्पोंस मिला है। इससे लोगों में घबराहट खत्म हुई है, भीङ भी नही हो रही। लोग भी अब समझने लगे हैं। इसलिए इसी व्यवस्था को जारी रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में जो उत्तराखंडवासी फंस गए हैं उनके लिए उत्तराखंड सदन ओपन कर दिया गया है। वहां उनके भोजन, मेडिकल आदि व्यवस्था है। इसी प्रकार मुम्बई में भी उत्तराखंड भवन को लॉकडाऊन में फंसे उत्तराखंड के लोगों के लिए ओपन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दो तीन दिन में 500 चिकित्सकों की भर्ती करने जा रहे हैं। इससे हमारे यहाँ चिकित्सक पर्याप्त संख्या में हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र और वाहन चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एक माह की छूट दी गई है।

[28/03, 21:15] उमाशंकर कुकरेती: मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु सतर्क रहने और संयम बरतने का अनुरोध किया है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी को खांसी, जुकाम, बुखार आदि इस प्रकार की कोई तकलीफ है तो इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि देश इस वक्त कोरोना महामारी से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री जी स्वयं एक सप्ताह में दो बार राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं। पूरी दुनिया इस वक्त इस महामारी से ग्रस्त है। भारत में अभी इस की शुरुआत हुई है लेकिन भारत जैसे देश में यह समस्या कितनी गंभीर हो सकती है आप इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि अमेरिका और इटली जैसे देश तमाम तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं के होते हुए भी आज किस हालात में हैं। हमारे पास केवल और केवल यही एक समाधान है कि हम सामाजिक दूरी बनाकर रखें। हमको दूरी बनाकर रखनी है। मंदिरों मस्जिदों गुरुद्वारों गिरिजाघरों में सामूहिक पूजा अर्चना को प्रतिबंधित किया गया है। वहां पर केवल पुजारी, मौलवी एवं पादरी ही पूजा पाठ कर सकते है। मेरा आपसे अनुरोध है कि हम सोशल डिस्टेंस बनाकर रखें। इसका स्वयं भी पालन करें और औरों को भी इसका पालन करने हेतु जागरूक करें। उन्होंने अनुरोध किया कि सोशल डिस्टेंस का पालन करें। यदि कोई बाहर से आया है तो हम उससे सामाजिक दूरी बनाते हुए उसकी सूचना शासन को दें।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग के लोग रात दिन अपने जीवन को खतरे में डालते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। हमें उनके भी चिंता करनी है। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों से कहा कि हमारे पास 11000 से अधिक बूथ हैं। बूथ अध्यक्ष एवं सभी कार्यकर्ता मोहल्ले में घूम घूम कर यह देखें कि कोई गरीब भूखा ना सोए। यह हमारी सबसे बड़ी चिंता है। प्रशासन के साथ तालमेल करके उनके घर राशन पहुंचाने का कार्य में किया जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का बहुत बड़ा तंत्र है, ऐसी तमाम सामाजिक संस्थाएं इस कार्य में सहयोग करके प्रशासन की सहायता करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

[28/03, 21:15] उमाशंकर कुकरेती: प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लगातार नजर रखे हुए हैं। रोज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वे स्थिति की समीक्षा करते हैं।
आज भी उन्होंने अधिकारियों से अपडेटेड जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लोग अब लॉकडाऊन में सहयोग कर रहे हैं। लोगों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता आसानी से हो। जो कुछ लोग बेवजह बाहर निकलते हैं उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। बाहर से आए लोगों पर लगातार नजर रखें और सुनिश्चित किया जाए कि होम क्वारेंटाईन किए गए लोग बिल्कुल भी बाहर न निकलें। जरूरी वस्तुओं की खरीददारी में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होना चाहिए। अभी उत्तराखंड में कोरोना के प्रथम स्टेज में हैं, फिर भी बहुत सतर्कता और सावधानी की आवश्यकता है। कोरोना वायरस से बचाव में लगा पूरा तंत्र लगातार अलर्ट मोड में रहे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी श्री अनिल कुमार रतूङी, प्रमुख सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, सचिव श्री अमित नेगी, श्री नितेश झा, श्री दिलीप जावलकर उपस्थित थे।

[28/03, 21:15] उमाशंकर कुकरेती: उत्तराखण्ड में हरिद्वार और पिथौरागढ़ में जल्द मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति प्रदान किए जाने के लिए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन का आभार व्यक्त किया है। हरिद्वार और पिथौरागढ़ में प्रत्येक मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए स्वीकृत लागत ₹325-325 करोड़ है। सेंट्रल स्पोंसर्ड स्किम के अंतर्गत इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पर आने वाले खर्च का 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा तथा 90 प्रतिशत खर्च केंद्र द्वारा वहन किया जाएगा।

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