देहरादूनशिक्षास्वास्थ्य

कोरोना क्या है । और कैसे इससे बचा जा सकता है।इस समय विश्व मे कोरोना के आंकड़े क्या दर्शा रगे है। देखिए

साभार :-श्री सी पी कंडवाल जी की फेसबुक वॉल से 

कोरोना जुकाम की तरह एक संक्रामक रोग है 75% जुकाम राइनों विषाणुओं द्वारा होता है जब कि 25% इंफ्लुएंजा कोरोना विषाणुओं द्वारा होता है , कोरोना वाइरस द्वारा फैलाए जाने वाले रोग से इस समय समस्त विश्व खासकर यूरोपीय एवं अमेरिकन महाद्वीप के अनेक देश इसकी गंभीर चपेट में आ चुके है ! विकसित एवं पर धनी एवं कम आवादी के देशों को इसने हिला दिया है ! जिनके पास पैसे की कमी नही होती थी जहाँ मौत भी सोच समझ कर दस्तक दिया करती थी लगता है यमदूतों का डेरा वहीँ लगा हुआ है ?

अपने देश भारत वर्ष में इस बीमारी की गंभीरता सरकार द्वारा रोगथाम नियंत्रण के बाबजूद भी कई लोग अभी भी फेस बुक या अन्य सोशल मीडिया पर कोरोना का प्रयोग व्यग्य/विनोद या कटाक्ष हेतु करने से थमते नजर नही आ रहे ?
करोना एक भयंकर बीमारी नही थी, चिकित्सा की भाषा में यह फेटल डिजीज नही हैं लेकिन बच्चे एवं बूढों पर इसका संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है परिणाम आज सबके सामने है ! सामुदायिक रूप में जब इसका संक्रमण होता है तो स्थति भयंकर हो जाती है !

यदि कोई व्यक्ति जो संक्रमित है और वह खांसी या छींक मारते समय अपना मुंह ढक लेता है तो उससे संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है ! आजकल सतर्कता इतनी ज्यादा लोग कर रहें हैं कि रोगी जिसे अपना मुंह ढक कर रखना चाहिए उससे अधिक स्वस्थ लोग इसका प्रयोग कर रहें हैं ! एक भ्रम सेनेटाईजर का भी फैलाया जा रहा है जिसका प्रयोग पानी न होने की स्थिति में हाथों को सेनेटाईज करने के लिए किया जाता है ! यदि किसी पास पानी और साबुन उपलब्ध है तो आप साबुन से अपने हाथ धो कर उन्हें कीटाणु या विषाणु रहित कर सकते हैं ! ग्रामीण जगत में हम राख से हाथ धोया करते थे यह तरीका भी संभवतया शुद्धि का उचित तरीका हुआ करता था परन्तु रोग संक्रमण जब चरम पर हो तो इसके प्रयोग को वैज्ञानिक एवं रोगनियंत्रक के रुप में किया जा सकता है इसके बारे में अभी तक कुछ नही कहा जा सकता है !

इस रोग से बचने के लिए आपसी दूरी बना कर रखना सबसे उचित तरीक है ! खांसी जुकाम की तरह ही इसके संक्रमनण से हम अपने आप को बचा सकते हैं ! हमारे देश में इसका फैलाव अभी द्वितीय चरण में ही है हो सकता है तृतीय चरण में पहुँच जाने से पूर्व ही इस पर काबू हो जिसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार ऐड़ी चोटी का जोर लगा रही है !

हम अभी भी नियंत्रण की स्थिति में बने हुए हैं आप सभी जानते हैं कि यूरोपीय एवं अमेरिकी महाद्वीप के कई देशों में इसके प्रकोप ने उन्हें चौथे चरण में धकेल दिया है जिस पर नियंत्रण काफी मानवीय जिंदगी को लील होने के बाद शायद संभव है ? अभी तककी ताजा वैश्विक स्थिति इस प्रकार है :-

चीन- 81172, 3277, 73161,
इटली- 63727, 6077, 7432,
यू.एस.ए- 46359, 585, 314,
स्पेन- 35136, 2311, 3355,
जर्मनी- 32024, 143, 3203,
ईरान- 23049, 1812, 8376,
फ़्रांस- 19856, 860, 2200,
द.कोरिया- 9037, 120, 3507,
स्वीटजरलैंड- 8795, 120, 131,
यू.के- 6726, 335, 135,
नीदरलैंड- 4764, 213, 2
आस्ट्रिया- 4474, 21, 9
बेल्जीयम- 3743 88 401
नॉर्वे- 2625, 10 6

कनाडा कुल 2091, मौत -25, रिकवर-320 -अभी तीसरे चरण में हैं लेकिन बहुत जल्दी उसके चौथे चरण में जाने की संभावनाएं प्रवल दिख रही है ।
कृपया वैश्विक जानकारी के लिए फ़ोटोज़ूम करके देखें ।

Rajnish Kukreti

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