होटल में नाबालिग से दुष्कर्म मामले पर महिला आयोग सख्त
होटलों में 3 माह का CCTV बैकअप अनिवार्य करने के निर्देश, बिना वैध ID और आयु सत्यापन कमरा देने वालों पर POCSO में कार्रवाई की चेतावनी
ऋषिकेश/देहरादून | 31 अगस्त 2026
ऋषिकेश के एक होटल में सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग छात्रा से दोस्ती कर उसके साथ दुष्कर्म किए जाने के गंभीर मामले का उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग अध्यक्ष ने एम्स ऋषिकेश पहुंचकर उपचाराधीन पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की तथा घटना की जानकारी ली। उन्होंने पीड़िता को हर संभव न्याय, समुचित उपचार और सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए अस्पताल एवं पुलिस अधिकारियों को मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुसुम कंडवाल ने पुलिस अधीक्षक देहात जया बलूनी और ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट से फोन पर वार्ता कर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश तेज करने तथा कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिला आयोग अध्यक्ष ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिगों को बहला-फुसलाकर अपराध का शिकार बनाया जाना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें और उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
होटल प्रबंधन की भूमिका पर भी सख्ती
मामले में होटल प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग अध्यक्ष ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर राज्यभर के होटलों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
इनमें प्रमुख रूप से—
🔹 सभी होटलों में कम से कम 3 महीने का CCTV बैकअप सुरक्षित रखना अनिवार्य किया जाए।
🔹 होटल में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की वैध पहचान और आयु का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
🔹 नाबालिगों को बिना वैध पहचान पत्र एवं आयु सत्यापन के कमरा उपलब्ध कराने वाले होटल प्रबंधनों की जिम्मेदारी तय की जाए।
🔹 संदिग्ध मामलों में पुलिस, महिला आयोग और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।
🔹 नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल प्रबंधनों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
कुसुम कंडवाल ने कहा कि यदि कोई होटल प्रबंधन जानबूझकर आवश्यक पहचान एवं आयु सत्यापन के बिना नाबालिग को कमरा उपलब्ध कराता है और उसकी भूमिका अपराध में सामने आती है, तो उसके विरुद्ध POCSO एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने दो-टूक कहा—
“प्रदेश में बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
महिला आयोग ने पुलिस से फरार आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को कहा है।
