CM धामी ने किया नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण व ‘पंतनगर प्रवाह’ पुस्तक का विमोचन
पंतनगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जी.बी. पंत विश्वविद्यालय में चल रहे 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी के तीसरे दिन प्रतिभाग करते हुए पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण किया और ‘पंतनगर प्रवाह’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों का स्वागत करते हुए कहा कि कृषि मेलें न केवल उत्पादों के प्रदर्शन के मंच हैं, बल्कि ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कृषि विकास व किसान कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के मेले में 400 से अधिक स्टॉल हैं, जिनमें से 200 से अधिक देश के विभिन्न राज्यों से आए कृषि उद्यमियों, उद्योगों और स्टार्टअप द्वारा लगाए गए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक तकनीकों और नवाचारों से किसान भाई पारंपरिक तरीकों के साथ वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बना पाएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान मानधन, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, बूंद-बूंद सिंचाई योजना जैसी कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे किसानों की आय वृद्धि और खेती की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण, फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत 80% सब्सिडी, मुफ्त सिंचाई, पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान और गेहूं व गन्ने पर बोनस व रेट वृद्धि जैसी सुविधाएं दे रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” स्वीकृत किया गया है।
नकल विरोधी कानून और यूसीसी पर मुख्यमंत्री के सारगर्भित विचार
कार्यक्रम में आयोजित ‘राज्य स्थापना रजत जयंती गोष्ठी’ में सीएम धामी ने प्रदेश में लागू सख्त नकल विरोधी कानून के परिणाम बताते हुए कहा कि पिछले 4 वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है और 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे गए हैं। उन्होंने हालिया पेपर लीक मामले में सरकार द्वारा तत्काल कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की संस्तुति का उल्लेख किया।समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर उन्होंने कहा कि यह किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि भेदभाव और असमानता समाप्त करने का संवैधानिक उपाय है। उन्होंने बताया कि यूसीसी लागू होने से महिला सशक्तिकरण को बल मिला है और देवभूमि के सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में सरकार सख्ती से काम कर रही है।
अवैध धार्मिक गतिविधियों व भ्रष्टाचार पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी मानसिकताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए कहा कि 9 हजार एकड़ सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया, 250 अवैध मदरसों को सील कर 500 से अधिक संरचनाएं हटाई गईं। नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया है। ऑपरेशन कालनेमि के तहत सनातन संस्कृति को बदनाम करने वालों पर कार्रवाई हो रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में 200 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्यवाही की गई है।
स्वदेशी अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को आत्मनिर्भर भारत का आधार बताते हुए जनता से संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को सभी के सहयोग से सिद्ध किया जाएगा।
कुलपति का धन्यवाद व मेले की उपलब्धियां
कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने यूसीसी व नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 61 हजार रुपये पहुंची है, जो 26% ग्रोथ रेट है। मेले में 507 स्टॉल लगे हैं और अब तक 20 हजार से अधिक किसान प्रतिभाग कर चुके हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
