देहरादून

शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए एकजुट हो यूकेडी: सुरेंद्र कुकरेती

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के केंद्रीय कार्यालय में “जनता की आशाओं का केंद्र उत्तराखंड क्रांति दल” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता डॉ. शक्तिशैल कपरवाण के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।

यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि राज्य गठन के बाद भी उत्तराखंड अपने मूल उद्देश्यों से दूर है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1979 से जुड़े जल, जंगल और जमीन के मुद्दे आज भी जस के तस बने हुए हैं और राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों का उत्तराखंड अब तक साकार नहीं हो पाया है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से पद की अपेक्षा छोड़ संगठन और विचारधारा को सर्वोपरि रखने का आह्वान करते हुए कहा कि दल के प्रति निष्ठा रखने वाले कार्यकर्ताओं का हमेशा सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि सभी को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राज्यहित में कार्य करना चाहिए।

सुरेंद्र कुकरेती ने डॉ. शक्तिशैल कपरवाण के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने निजी हितों की चिंता किए बिना हमेशा राज्य और समाज के हितों को प्राथमिकता दी। साथ ही राज्य आंदोलन में शहादत देने वाले 42 आंदोलनकारियों के सपनों को पूरा करना आज भी सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया।

इस अवसर पर डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि उत्तराखंड की जनता पहले कांग्रेस की नीतियों से निराश थी और बदलाव की उम्मीद में भाजपा को सत्ता में लेकर आई, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में भ्रष्टाचार, अपराध, जंगली जानवरों का भय और कमीशनखोरी से जनता परेशान है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे समय में उत्तराखंड क्रांति दल ही जनता की उम्मीदों का वास्तविक केंद्र बन सकता है।

बैठक में वीपी भट्ट सलाणी, कर्नल सुनील कोटनाला, कर्नल कैलाश देवरानी, जेपी जोशी, प्रमोद काला, उत्तरा पंत बहुगुणा, विमला बहुगुणा, लुसुन टोडरिया और सूफी खलीक अहमद सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने और राज्यहित के मुद्दों पर जनजागरण अभियान तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता एवं राज्य आंदोलनकारी लताफत हुसैन, पंकज व्यास, यमकेश्वर विधानसभा अध्यक्ष राहुल रावत, द्वारीखाल ब्लॉक अध्यक्ष धनवीर राणा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय ने की तथा संचालन अनिल थपलियाल ने किया।

Uma Shankar Kukreti