यमकेश्वर का होमस्टे, हेंप ईको-टूरिज्म के लिए राज्यपाल द्वारा सम्मानित!
यह पूरे यमकेश्वर और हमारे गांव फलदाकोट के लिए गर्व और खुशी का क्षण है!
हमारी संस्थापक नम्रता कंडवाल को एग्रो-ईको टूरिज्म के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारतीय कृषि विश्वविद्यालय संघ द्वारा सम्मानित किया गया।

यह सम्मान माननीय उत्तराखंड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा वन महाविद्यालय, वीसीएसजी यूयूएचएफ, रानीचौरी में प्रदान किया गया।

यह पुरस्कार नम्रता की दूरदृष्टि और नवाचारपूर्ण सोच का प्रतीक है, जिसके तहत उन्होंने भारत का पहला भांग-आधारित पर्यटन मॉडल विकसित किया — जो खेती, हरित निर्माण और गाँवों में आत्मनिर्भर रोजगार को एक साथ जोड़ता है।
यह पहल उत्तराखंड में कृषि-ईको-पर्यटन के भविष्य की मजबूत नींव रखती है, जिससे क्लस्टर आधारित खेती, स्थानीय प्रसंस्करण (decentralized processing) और उत्पाद विकास के माध्यम से ग्रामीण युवाओं के लिए कृषि आधारित नए रोजगार अवसर पैदा होंगे।

हम समस्त यमकेश्वर वासियों के आभारी है एवं युवाओं से आह्वाहन करते हैं कि सकारात्मक सोच रखते हुए अपना कार्य करते रहे।
जब आप अच्छा कार्य करेंगे तो आस पास के बुरे लोग अड़ंगा भी डालेंगे, पर आप अच्छे लोगों को साथ लेकर काम करते रहिए और आपकी सफलता ही आपके लिए बोलेगी।
आइए यमकेश्वर को हम सब मिलकर इको टूरिज्म का हब बनाएं।
