“काशीपुर में मिशन मानवता—डी बाली ग्रुप ने 50 बेसहारा बच्चों की जिम्मेदारी संभाली”
काशीपुर। नगर में डी बाली ग्रुप ने 50 बेसहारा बच्चों की जिम्मेदारी ली है और समाज को मानवता की सेवा के लिए आगे आने का संदेश दिया है। इन बच्चों के सिर पर न मां का सहारा है, न बाप का साया—कुछ अनाथ हैं, कुछ मजबूरी में घरों से दूर हुए हैं। उर्वशी बाली ने इन मासूम बच्चों की देखभाल में खुद को समर्पित किया है, वहीं उनके इस प्रयास में डॉ. रवि सहोता, शांतनु चिकारा, जगमोहन (बंटी), रजनी ठाकुर, नीलम चोचान, रमा गर्ग, दीपक चतुर्वेदी, रॉयल पंजाबी ग्रुप, हिंदू वाहिनी संगठन, मिनी डेकोरेशन वाले चरनप्रीत, मोनालिसा ब्यूटी सैलून, संजीवनी हॉस्पिटल, राजीव चौधरी और यू एस आर स्कूल की पूरी टीम सहयोग कर रही है
शिक्षा व हुनर के लिए कदम
इन बच्चों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से डी बाली ग्रुप द्वारा विशेष क्लासेज शुरू की गई हैं ताकि यह पढ़-लिखकर, हुनर सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। श्रीमती उर्वशी बाली ने सक्षम नागरिकों व संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने हुनर द्वारा किसी बच्चे की ज़िंदगी बदलें — जैसे पढ़ाई, डांस, म्यूज़िक, कंप्यूटर, आर्ट, स्पोर्ट्स, हैंडराइटिंग व मोटिवेशन आदि
.सर्दी में मदद की पुकार
सर्दी के मौसम में इन बच्चों को पुराने लेकिन उपयोगी गर्म कपड़ों, स्वेटर, जैकेट, जर्सी, जुराबें, चप्पल-जूतों व कंबलों की आवश्यकता है। उन्होंने आम लोगों से आग्रह किया है कि अपने घर में पड़े वह सामान, जो आपके उपयोग में नहीं है, इन बच्चों को दें ताकि किसी की जिंदगी बचाई जा सके.
समाज में बदलाव का संदेश
डी बाली ग्रुप व उर्वशी बाली का संदेश है—अगर आप कर्म में विश्वास रखते हैं, तो आइए और इस जन्म में किसी और की किस्मत भी बदलकर जाइए। जरूरी है कि समाज का हर सक्षम व्यक्ति इन बच्चों के लिए थोड़ा वक्त दे, क्योंकि आपके छोटे-से प्रयास से किसी मासूम का जीवन बदल सकता
