गौचर में पूर्व सैनिकों के लिए ऐतिहासिक कृषि मेला, 80% सब्सिडी पर मिलेंगे आधुनिक कृषि उपकरण
गौचर / चमोली, 19 दिसंबर।
पूर्व सैनिकों, सैनिक विधवाओं एवं सैनिक आश्रितों के लिए केन्द्र सरकार की नई आधुनिक कृषि नीति ‘जय जवान–जय किसान’ के तहत
29 दिसंबर 2025 को गौचर मेला मैदान में एक भव्य कृषि मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रतिभाग करेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए रानीगढ़ गौचर गौरव सैनानी संगठन के मीडिया प्रभारी, पूर्व सैनिक (सुबेदार) ओम प्रकाश मिश्रा ने बताया
कि इस कृषि मेले का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
मेले में किसानों एवं पूर्व सैनिकों को कुदाल, फावड़ा, ट्रैक्टर, पॉली हाउस, तारबाड़, बीज, खाद, कीटनाशक दवाइयां तथा सूअर व भालू भगाने वाली दवाइयों सहित
कई आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इन सभी कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी।
यानी 100 रुपये के उपकरण पर लाभार्थी को मात्र 20 रुपये ही देने होंगे, शेष राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
इसके साथ ही उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों में आधुनिक कृषि कैसे की जाए, इस विषय पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
योजना के तहत अधिक से अधिक पूर्व सैनिकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले पूर्व सैनिकों के लिए यात्रा भत्ता एवं दोपहर के भोजन की भी व्यवस्था की जाएगी।
जो भी पूर्व सैनिक या पात्र लाभार्थी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे 21 दिसंबर तक अपने-अपने न्याय पंचायत स्तरीय कृषि केंद्र स्थित सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय
में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं, ताकि आवश्यक उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
यह कृषि मेला पूर्व सैनिकों के लिए न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर बनेगा, बल्कि उत्तराखंड में आधुनिक कृषि को नई दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा। 🌾
