*वीर बाल दिवस पर चार साहिबज़ादों को नमन — माननीय पूर्व कैबिनेट मंत्री आदरणीय श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी*
कोटद्वार।
वीर बाल दिवस के अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी ने *सिख धर्म के महानायक दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबज़ादों को श्रद्धापूर्वक नमन किया*।
पूर्व कैबिनेट मंत्री आदरणीय श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी ने कहा कि चारों साहिबज़ादों का बलिदान केवल सिख इतिहास ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय सभ्यता और धर्मरक्षा का अमर अध्याय है। इतनी कम आयु में धर्म, सत्य और आत्मसम्मान के लिए दिया गया यह सर्वोच्च बलिदान मानव इतिहास में अद्वितीय है।
*उन्होंने कहा कि बड़े साहिबज़ादे साहिबज़ादा अजीत सिंह और साहिबज़ादा जुझार सिंह ने चामकौर के युद्ध में अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध वीरता से लड़ते हुए बलिदान दिया, वहीं छोटे साहिबज़ादे साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह और साहिबज़ादा फतेह सिंह ने सरहिंद में दीवारों में ज़िंदा चुनवाए जाने के बावजूद धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं किया। यह घटना यह सिखाती है कि धर्म और सत्य की रक्षा के लिए उम्र नहीं, बल्कि साहस और आस्था की आवश्यकता होती है*।
पूर्व मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी ने कहा कि आज जब समाज नैतिक मूल्यों के संकट से गुजर रहा है, ऐसे समय में चार साहिबज़ादों का जीवन और बलिदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे साहिबज़ादों के आदर्शों—साहस, त्याग, सत्य और मानवता—को अपने जीवन में अपनाएं।
*अंत में नेगी जी ने कहा कि वीर बाल दिवस केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि यह संकल्प लेने का अवसर है कि हम धर्म, संविधान और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव खड़े रहेंगे*।
