देहरादून

माल्टा मकरैंण के साथ संपन्न हुआ ‘माल्टा का महीना’

नाटक ‘माल्टा चला दिल्ली’ ने किसानों की उम्मीदों को दिया मंच

माल्टा अभियान के साथियों को धाद ने किया सम्मानित

हरेला गाँव, धाद की पहल पर चल रहा ‘माल्टा का महीना’ अभियान माल्टा मकरैंण के अवसर पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अभियान पहाड़ के माल्टा किसानों को बाज़ार से जोड़ने और उनकी आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।

अभियान का परिचय देते हुए हरेला गाँव के संयोजक देवेंद्र नेगी ने कहा कि तीन वर्षों से निरंतर चल रहे इस प्रयास को इस वर्ष निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि अब न केवल समाज और बाज़ार का सहयोग मिला है, बल्कि शासन स्तर पर भी इस पहल को समर्थन प्राप्त हुआ है, जिससे पहाड़ के माल्टा उत्पादकों को नई उम्मीद जगी है।

इस अवसर पर माल्टा को समाज और बाज़ार तक पहुंचाने में सहयोग करने वाले साथियों,

संस्थाओं और सामाजिक समूहों को धाद द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में सामाजिक, सांस्कृतिक और जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय कई संस्थाएं और व्यक्तित्व शामिल रहे, जिन्होंने माल्टा अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने में योगदान दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा नाटक माल्टा चला दिल्ली, जिसमें एक बेरोजगार ग्रामीण युवक की कहानी के माध्यम से माल्टा की ताकत और संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक में दिखाया गया कि कैसे युवक की एक साधारण रील वायरल होती है, लेकिन उसके पीछे असली नायक पहाड़ का माल्टा होता है, जो गाजियाबाद होते हुए दिल्ली तक पहुंचता है। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए स्थानीय उत्पादों के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार, बुद्धिजीवी, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि माल्टा का महीना केवल एक अभियान नहीं, बल्कि पहाड़ की आर्थिकी, आत्मसम्मान और भविष्य की दिशा तय करने वाला आंदोलन बनता जा रहा है।

Uma Shankar Kukreti