ऋषिकेशदेहरादून

ब्रेकिंग न्यूज | उत्तराखंड में बड़ी विजिलेंस कार्रवाई,खण्ड शिक्षा अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

ऋषिकेश/देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सतर्कता अधिष्ठान देहरादून की ट्रैप टीम ने डोईवाला के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी (SDEO) धनवीर सिंह बिष्ट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में उनके साथ एक महिला सहयोगी को भी पकड़ा गया है।
📌 पूरा घटनाक्रम
दिनांक 01 अप्रैल 2026 को सतर्कता सैक्टर देहरादून में दर्ज मुकदमा संख्या 07/2026 (धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018) के तहत कार्रवाई की गई। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अधिकारी और उसकी सहयोगी शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ले रहे थे, तभी टीम ने मौके पर ही दोनों को पकड़ लिया।
👤 आरोपी कौन हैं?
धनवीर सिंह बिष्ट
उप शिक्षा अधिकारी एवं प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला, जनपद देहरादून
पुष्पांजलि
निवासी लेन नंबर 5, डालनवाला, देहरादून
(स्वामी उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल, गुमानीवाला, ऋषिकेश से जुड़ी)
💰 रिश्वत का पूरा मामला
विजिलेंस जांच के अनुसार—
👉 शिकायतकर्ता, गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल, ऋषिकेश से जुड़ा है
👉 स्कूल में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत पढ़ रहे छात्रों की फीस/प्रतिपूर्ति का बिल लंबित था
👉 आरोप है कि इस बिल को पास करने और भुगतान जारी करने के बदले
👉 ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की रिश्वत मांगी गई
ट्रैप के दौरान यही रकम लेते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
📍 कार्रवाई का स्थान
यह पूरी कार्रवाई नेपाली फार्म चौक क्षेत्र के आसपास की गई, जहां विजिलेंस टीम ने पहले से जाल बिछाया हुआ था।
⚖️ कानूनी धाराएं और कार्रवाई
थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज
धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) लागू
दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी
आगे की विवेचना प्रचलित
🔎 पहले भी सामने आया था मामला
इस कार्रवाई से पहले भी इसी अधिकारी से जुड़ा एक और मामला चर्चा में रहा—
👉 नेपाली फार्म क्षेत्र में ₹20,000 रिश्वत मांगने की शिकायत
👉 जिसमें एक बिचौलिये की भूमिका भी सामने आई थी
हालांकि ताजा कार्रवाई में ₹1 लाख की रिश्वत का मामला सामने आया है, जो कहीं अधिक गंभीर माना जा रहा है।
📢 सरकार का संदेश
राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है।
इससे साफ संकेत गया है कि—
👉 भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे
👉 शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है
🧾 निष्कर्ष
यह मामला न केवल शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अब विजिलेंस एजेंसियां सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही हैं।
इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

Uma Shankar Kukreti