Uttarakhand

सीतावनी में गूंजी श्रीजानकी कथा: 12 वर्षीय बाल व्यास ने बांधा श्रद्धा का समां

रुद्रपुर ।  रामनगर के सीतावनी क्षेत्र में रविवार को आध्यात्मिक आस्था और सनातन संस्कृति का सुहाना पर्व देखने को मिला, जब पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट के नेतृत्व में पहली भव्य श्रीजानकी कथा का आयोजन हुआ। पंडाल श्रद्धालुओं, संतों और स्थानीय लोगों से परिपूर्ण रहा और समूचा माहौल भक्तिभाव से ओतप्रोत दिखा।

कथा का विशेष आकर्षण मात्र 12 वर्षीय बाल व्यास वैदेहीनंदन वेदांत जी रहे, जिन्होंने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण वाचन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बाल व्यास ने माता सीता के त्याग, तपस्या, मर्यादा और समर्पण से जुड़े प्रसंगों को सरल, मधुर और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया, जिससे कथास्थल पर उपस्थित लोग भाव-विभोर हो उठे।

यह कार्यक्रम रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। आयोजकों ने बताया कि कथा का उद्देश्य माता जानकी के आदर्श जीवन को आम जन तक पहुंचाना, सनातन संस्कृति के मूल्यों को मजबूत करना और नई पीढ़ी को नैतिक संस्कारों से जोड़ना है।

सांसद अजय भट्ट अपने परिवार सहित सुबह कथा स्थल पहुंचे और पूजा-अर्चना कर प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि माता सीता भारतीय संस्कृति में त्याग, धैर्य और शक्ति की प्रतीक हैं और उनका जीवन समाज के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश नैनवाल, सुशांत जी, दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, विधायक दीवान सिंह बिष्ट (दर्जा राज्य मंत्री), मनजीत राजू, सुरेंद्र नामधारी, दीपक मेहरा, पुष्पा भट्ट, मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती (दर्जा राज्य मंत्री), सीमा चौहान, शांति मेहरा, जिला अध्यक्ष मनोज पाल व सैकड़ों स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सीतावनी की पावन वादियों में यह कथा श्रद्धा, भक्ति और संस्कृति का एक समेकित उत्सव बनकर उभरी।

Shubham Mishra