DIPRदेहरादून

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में दीपोत्सव का उल्लास, हजारों दीपों से जगमगाया हैलीपैड ग्राउंड

लोक गायक मंगलेश डंगवाल की लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, दुनिया की सबसे छोटी नैनो गाय रही आकर्षण का केंद्र

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के पथरी बाग स्थित हैलीपैड ग्राउंड में आयोजित दीपोत्सव में हजारों दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा। रंग-बिरंगी सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ग्रीन दीपावली और नो फायर क्रैकर्स का संकल्प भी दिलाया गया।

विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने देश एवं प्रदेशवासियों सहित एसजीआरआर ग्रुप के समस्त छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में दुनिया की सबसे छोटी नैनो गाय भी आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विपिन चन्द्र घिल्डियाल एवं कुलसचिव डॉ. सोनिका कंडारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि दीपोत्सव भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। दीपावली का प्रत्येक दीप ज्ञान, सकारात्मकता और सेवा भाव का संदेश देता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ उनमें सामूहिकता, सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करते हैं।

कुलसचिव डॉ. सोनिका कंडारी ने कहा कि दीपावली खुशियों, नई उम्मीदों और आपसी प्रेम का पर्व है। दीपों की रोशनी हमें जीवन में ज्ञान, सकारात्मक सोच और सद्भावना का प्रकाश फैलाने की प्रेरणा देती है।

दीपोत्सव का प्रमुख आकर्षण उत्तराखण्ड के लोकप्रिय लोक गायक मंगलेश डंगवाल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। उन्होंने मां नंदा के जागर से कार्यक्रम की शुरुआत कर उत्तराखण्ड की लोक आस्था और आध्यात्मिक परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की। इसके बाद सिल्की बांद, माया बांद, मेरी छोंदाड़ी और सेरा गौं की बांद माया रे सहित अपने लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

उनकी सुरीली आवाज और पहाड़ी लोकधुनों पर हजारों की संख्या में मौजूद छात्र-छात्राएं देर शाम तक झूमते रहे। प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, पहाड़ी जनजीवन और पारंपरिक रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिली।

विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वहीं, हैलीपैड ग्राउंड की प्राकृतिक हरियाली और खुले वातावरण के बीच हजारों दीपों की टिमटिमाती रोशनी ने मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। विद्युत सज्जा और दीपों की जगमगाहट से पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंग गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी डीन, विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।