मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने किया हेपेटाइटिस प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण
सितारगंज। नयागांव एवं आसपास के इलाकों में वायरल हेपेटाइटिस (पीलिया) के संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों का सघन स्थलीय निरीक्षण कर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य टीमों को मिलकर अभियान त्वरित और प्रभावी तरीके से चलाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से टीमों को निर्देश दिए कि हर घर में जाकर (डोर-टू-डोर) सर्वे में कोई ढिलाई न बरती जाए और पीलिया, बुखार व पेट दर्द जैसे लक्षणों वाले लोगों की त्वरित पहचान कर उनका नैदानिक परीक्षण समय पर सुनिश्चित किया जाए।
दूषित जल स्रोत संभावित कारण
अधिकारियों ने बताया कि बीमारी के संभावित स्रोत के रूप में दूषित पेयजल की आशंका जताई जा रही है। इसलिए स्थानीय प्रशासन के समन्वय से ग्रामीणों को स्वच्छ व उबला हुआ पानी पीने की सलाह देने के साथ-साथ सार्वजनिक जल स्रोतों की क्लोरिनेशन प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि आम जनता की सेहत से कोई समझौता नहीं होगा और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) ने पहले ही सार्वजनिक पेयजल स्रोतों, हैंडपंपों और प्रभावित परिवारों के घरों से पानी के सैंपल एकत्रित कर उनकी जांच संबंधित प्रयोगशालाओं को भेज दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की संभावित कारवाइयों व आवश्यक रोकथाम के उपायों की घोषणा की जाएगी।
स्थानीय टीम और जन संपर्क
स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुलदीप यादव एवं IDSP टीम के डॉ. संतोष कुमार पांडेय प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों व ग्रामीणों से मिलकर उनके स्वास्थ्य व शिकायतों का हाल जाना और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य-संबंधी सलाह दी।
लोकल अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें, खुले पानी से बचें, सिर्फ उबला हुआ या सुरक्षित स्त्रोत का पानी पिएं और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। साथ ही किसी भी असामान्य लक्षण की सूचना देने के लिए स्थानीय हेल्पलाइन या स्वास्थ्य विभाग को तुरंत सूचित करें।
