प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों में सेवा, सुशासन और विकास: ऊधम सिंह नगर में विकास की नई गाथा
रुद्रपुर, । जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद ऊधम सिंह नगर ने विकास, जनकल्याण, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। केंद्र की योजनाओं का लाभ लाखों नागरिकों तक पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में स्पष्ट सुधार हुआ है। उन्होंने कहा ऊधम सिंह नगर में जो विकास व जनकल्याण की इबारत लिखी गई है, वह केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों, प्रभावी योजना निर्माण और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में ये परियोजनाएँ जनपद को विकास के नए आयाम प्रदान करेंगी।
स्वास्थ्य एवं मेडिकल सुविधाएँ
रुद्रपुर में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का लोकार्पण हो चुका है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का निर्माण लगभग 650 करोड़ रुपये से चल रहा है; संचालित होने पर क्षेत्र में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।
किच्छा में AIIMS सैटेलाइट सेंटर की स्थापना की कार्यप्रगति जारी है, जो विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा।
परिवहन और कनेक्टिविटी
पंतनगर हवाई अड्डे के विकास के लिए 524.78 एकड़ भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित की जा चुकी है; परियोजना से क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
सड़क परियोजनाएँ: रुद्रपुर रिंग रोड व बाइपास (20.64 किमी) का निर्माण पूर्ण; काशीपुर बाइपास, गदरपुर बाइपास (NH-74) एवं खटीमा बाइपास (NH-125) के निर्माण से ट्रैफिक प्रबंध में सुधार होगा।
शिक्षा एवं कौशल विकास
बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आवासीय विद्यालयों के भवन व छात्रावास बनकर तैयार हुए, जिससे जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध होगी।
औद्योगिक निवेश और रोजगार
खुरपिया–किच्छा में लगभग 6,000 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी का विकास जारी है; अनुमान है कि इससे लगभग 75,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
सितारगंज में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क और काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर देंगे।
सामाजिक व सुविधागत परियोजनाएँ
खटीमा में 7.15 करोड़ रुपये की लागत से सीएसडी कैंटीन भवन का निर्माण पूर्ण हुआ, जिससे पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।
