चार जिलों में बादल फटने की त्रासदी, त्वरित राहत कार्यों के निर्देश—मुख्यमंत्री धामी
खटीमा । उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर जिलों के कुछ भागों में भारी वर्षा के चलते बादल फटने से जबरदस्त तबाही का आलम है। अचानक आई इस आपदा में कई मकान मलबे में दब गए, खेत पानी में डूब गए, मवेशियों के साथ-साथ दर्जनों वाहन नष्ट हो गए और सड़कें ध्वस्त हो गईं। सबसे ज्यादा नुकसान रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र, चमोली के देवाल, टिहरी के पहाड़ी इलाके और बागेश्वर के गांवों में हुआ, जहां सैकड़ों लोग फंसे रहे और प्रशासन ने त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री धामी ने संभाली कमान
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारों जिलों के जिलाधिकारियों से सीधे फोन पर वार्ता की और राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि प्रभावित लोगों को बिना किसी देरी के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। सीएम धामी ने अधिकारियों को चेताया कि सभी आपातकालीन व्यवस्थाएं तुरंत सुचारू की जाएं और आवश्यक सामग्री/सुविधाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उच्च स्तरीय बैठक और समीक्षा
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित इलाकों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं जितना जल्दी हो, सुचारू कराई जाएं। वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सीएम धामी ने हर स्तर पर राहत-बचाव कार्य तेज करने को कहा। उन्होंने मानसून सीजन के दौरान प्रशासन को हर समय अलर्ट मोड में रहने का सख्त आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार शीघ्र मुआवजा दिलाया जाए। जिलाधिकारियों से यह भी कहा गया कि आपदा राहत के लिए जो भी अतिरिक्त संसाधन जरूरी हों, उनकी तत्काल व्यवस्था की जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को तकलीफ न उठानी पड़े और पुनर्वास में कोई बाधा न हो।
प्रशासनिक तंत्र मुस्तैद
आपदा प्रबंधन सचिव, पुलिस महानिदेशक, गढ़वाल आयुक्त सहित सभी प्रमुख अफसरों की मौजूदगी में समीक्षा की गई और राहत कार्यों की हर पल निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा पुलिस की टीमें लगातार आपदा प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं; सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
मौसम विभाग का अलर्ट
इसी दौरान मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट अगले 24-48 घंटे के लिए जारी किया है, जिससे प्रशासन को चौकस रहने को कहा गया है।उत्तराखंड सरकार ने पुनः दोहराया है कि इस कठिन वक्त में जन-जन के साथ है और राहत, बचाव तथा पुनर्वास के लिए सभी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी
