शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए साइकिल मार्च, 125 किलोमीटर की दूरी की होगी ये साइकिल मार्च

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शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए साइकिल मार्च

 

 

 

– 2 अक्टूबर को देहरादून से रामपुर तिराहा पहुंचेगा ‘प्रवासी-निवासी मार्च‘
– 20 शहरों के साइकिलिस्ट लेंगे भाग, एकजुट-एकमुट का प्रयास
देहरादून। प्रवासी उत्तराखंडियों को एकजुट-एकमुट करने की कवायद नये सिरे से हो रही है। हस्तक्षेप संगठन ने यह पहल की है। संगठन दो अक्टूबर को देहरादून से रामपुर तिराहा तक साइकिल मार्च का आयोजन कर रहा है। इसकी शुरुआत 29 सितम्बर से हो रही है। इस मार्च में 20 शहरों के प्रवासी उत्तराखंडी साइकिलिस्ट भाग लेंगे। संगठन के अध्यक्ष केशर सिंह बिष्ट ने बताया कि इस रैली का मुख्य उद्देश्य प्रवासी लोगों को एकजुट करना है ताकि पहाड़ के संवेदनशील मुद्दों पर लोग मुखर हो सकें।
हस्तक्षेप संगठन के तहत आयोजित इस साइकिल रैली को प्रवासी निवासी मार्च का नाम दिया गया है। संगठन के अध्यक्ष केशर सिंह बिष्ट ने बताया कि इस मार्च का उद्देश्य उत्तराखंड के संवेदनशील मुद्दों पर ’प्रवासियों’ की संवेदनशीलता को मुखर करना है साथ ही अपनी मूल भूमि से अलग-थलग पड़े ’प्रवासियों’ को ’निवासी मुद्दों’ पर एकजुट करना व राज्य की मूल धारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में यह एक नई पहल है। इसके माध्यम से प्रवासियों व निवासियों’ को एकजुट कर उनके बीच आपसी संवाद को सशक्त करना है।
साइकिल मार्च में देश भर से विभिन्न प्रवासी लोगों का 20 से भी अधिक कारों का काफिला रहेगा। साथ ही एक मेडिकल वैन भी मौजूद रहेगी। मार्च के दौरान उत्तराखंड आंदोलन के गीतों से गुंजायमान ट्रक व उसमें सवार ’मार्च’ के अन्य सहयोगी और सांस्कृतिक दल भी रहेगा। काफिले में शामिल लोगों के लिए ’पहाड़ी भोज’ का वाहन भी साथ चलेगा।

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