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देहरादून: वर्षों पुराना आढ़त बाजार देहराखास में होगा शिफ्ट, एमडीडीए (MDDA) की तैयारियां अंतिम चरण में

 

देहरादून: राजधानी देहरादून को जाम की भीषण समस्या से मुक्ति दिलाने और व्यवस्थित शहरीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त और बड़े बॉटलनैक (यातायात बाधा) माने जाने वाले आढ़त बाजार को पूरी तरह से देहराखास (पटेलनगर क्षेत्र) में शिफ्ट करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) इस महत्वाकांक्षी स्थानांतरण परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है।

देहराखास में तैयार हुआ आधुनिक ‘हाईटेक बाजार’

एमडीडीए ने देहराखास में लगभग 10 हेक्टेयर (करीब 25 एकड़) भूमि पर एक अत्याधुनिक और सुनियोजित आढ़त बाजार विकसित किया है। इस नए व्यावसायिक परिसर की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

व्यवस्थित बुनियादी ढांचा: नए बाजार में चौड़ी सड़कें, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और सुनियोजित बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है।

हाईटेक सुविधाएं: व्यापारियों और ग्राहकों की सुविधा के लिए यहाँ 5 मंजिला मल्टीस्टोरी पार्किंग, बड़े ओवरहेड वॉटर टैंक और अन्य जनसुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं।

दुकानों व भूखंडों का आवंटन: इस नए बाजार में प्रभावित करीब 170 आढ़तियों को प्लॉट आवंटित करने की प्रक्रिया को एमडीडीए ने तेजी से आगे बढ़ाया है। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों के व्यापारियों के लिए 120 फीट और 150 मीटर के आकार की आधुनिक दुकानें डिजाइन की गई हैं।

क्यों जरूरी था बाजार का स्थानांतरण?

मौजूदा समय में आढ़त बाजार, सहारनपुर चौक से तहसील चौक के बीच स्थित है। बेहद संकरी सड़कों और थोक व्यापार के कारण मालवाहक वाहनों की आवाजाही से यहाँ हर वक्त ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।

बाजार के शिफ्ट होते ही लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा सहारनपुर रोड को पूरी तरह से 24 मीटर (लगभग 80 फीट) चौड़ा किया जाएगा

इस चौड़ीकरण से आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन और शहर के मुख्य केंद्रों के बीच आवाजाही करने वाले लाखों दूनवासियों को दैनिक जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

पारदर्शिता और पुनर्वास पर जोर

जिला प्रशासन और एमडीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया को व्यापारियों के साथ आपसी सहमति और पूरी पारदर्शिता के साथ अमलीजामा पहनाया जा रहा है। विस्थापन से प्रभावित हो रहे भूस्वामियों और दुकानदारों को नियमानुसार मुआवजे का वितरण और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि किसी भी व्यापारी के व्यापार को नुकसान न पहुंचे।

प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ ही समय में आढ़त बाजार पूरी तरह से नए परिसर में कार्य करना शुरू कर दे, जो न केवल देहरादून के व्यापारिक परिदृश्य को बदलेगा बल्कि शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था में भी चार चांद लगाएगा।